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ISIS पर हर हवाई हमला करने में अमेरिका खर्च करता है तीन करोड़ रुपए

कार्तिक कृष्ण पक्ष द्वितीया, कलियुग वर्ष ५११६

      सीरिया के सीमावर्ती व कुर्द बहुल शहर कोबानी पर आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले की तस्वीर

बगदाद – अमेरिकी नेतृत्व में ISIS (अब इस्लामिक स्टेट) के विरुद्ध अभियान के ५८वें दिन (4 अक्टूबर) अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने सीरिया और इराक में नौ हवाई हमले किए। इसमें आतंकियों के दो टैंक, तीन हमवीज व एक बुलडोजर के अलावा एक और वाहन (कौन-सा वाहन था, इसकी जानकारी नहीं है) तबाह हुए थे। इसके अलावा, हमले में इस्लामिक स्टेट के कई आतंकी मारे गए और उनकी छह फायरिंग पोजिशन को भी तबाह कर दिया गया।

८४ करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान

बर्बाद हुए उपकरणों की कीमतों पर नजर डालें, तो प्रति टैंक की अनुमानित लागत 6.5 मिलियन डॉलर यानी 40 करोड़ रुपए (अधिकतम) और प्रति हमवीज की कीमत 1.5 करोड़ रुपए (अधिकतम) हुई। वहीं, कुल तबाह हुए उपकरणों की अनुमानित लागत 13.8 मिलियन डॉलर यानी 84 करोड़ रुपए से ज्यादा है।

पहली नजर में मालूम होता है कि हवाई हमले ने इस्लामिक स्टेट में भारी तबाही मचाई। लेकिन वाशिंगटन आधारित सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड बजटरी असेसमेंट के थिंक टैंक टोड हैरिसन को ये आंकड़ा आकर्षक नहीं लगा। हैरिसन के हवाले से अंग्रेजी वेबसाइट फॉरेन पॉलिसी ने लिखा कि इस्लामिक स्टेट के खिलाफ सिर्फ एक हवाई हमले की कीमत 3 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। सबसे सस्ते हवाई हमले की बात करें, तो उसकी कीमत भी 30 लाख रुपए से ज्यादा होगी।

हैरिसन के मुताबिक, बात यहीं खत्म नहीं होती। अभियान में शामिल F-15, F-16, F-22 सरीखे लड़ाकू विमानों के प्रतिघंटे उड़ान का खर्च 9,000 डॉलर से 20,000 डॉलर यानी 12 लाख रुपए से भी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि अकेले 4 अक्टूबर के हवाई हमले की खर्च की बात करें, तो उस दिन 4.5 मिलियन डॉलर यानी 27 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। इस खर्च में आवश्यक खुफिया जानकारी, निगरानी और टोही उड़ान का खर्च शामिल नहीं किया गया है।

इस बीच हथियार निर्माताओं की चांदी कट रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रेथियॉन कंपनी से टॉम हॉक क्रूज मिसाइल के लिए 251 मिलियन डॉलर यानी लगभग दो अरब रुपए की डील हुई है। एक टॉम हॉक क्रूज मिसाइल की कीमत 1.5 मिलियन डॉलर से भी ज्यादा यानी 10 करोड़ रुपए है। इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अब तक 50 टॉम हॉक मिसाइल और अन्य मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा चुका है। बता दें कि आईएसआईएस सीरिया के कुर्द बहुल शहर कोबानी के एक-तिहाई हिस्से पर कब्जा कर चुका है।

 अभियान से संबंधित मुख्य बिंदु

  • ISIS विरुद्ध कार्रवाई में अब तक सात अरब रुपए की राशि खर्च हो चुकी है।
  • अमेरिकी ‘थिंक टैंक’ के मुताबिक, इस खर्च के 2.4 से 3.8 अरब डॉलर प्रतिवर्ष तक पहुंचने की संभावना है।
  • ISIS के खिलाफ लगभग 50 टॉम हॉक मिसाइल का इस्तेमाल किया जा चुका है। एक की कीमत लगभग 10 करोड़ रुपए है।
  • अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि जारी अभियान में रोजाना 75 लाख डॉलर खर्च हो रहे हैं।

स्त्रोत : दैनिक भास्कर

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