आश्विन पौर्णिमा, कलियुग वर्ष ५११६

रायपुर-कांकेर (छत्तीसगढ) – छत्तीसगढ़ में पहली बार एक दर्जन नक्सलियों ने एक साथ आत्मसर्पण कर एक ओर जहां पुलिस के प्रयासों को भारी सफलता दिलाई है, वहीं दूसरी ओर महिला नक्सलियों ने बीहड़ों में पुरुष नक्सलियों द्वारा की जा रही बर्बरता और उनकी कमजोरियों को भी उजागर किया है। आत्मसमर्पण करने वाली महिला नक्सलियों ने बताया पुरुष नक्सली लीडरों द्वारा महिलाओं का शारीरिक शोषण किया जाता है। इसके लिए वे अपने पास सेक्सवर्धक दवाइयां भी रखते हैं। कांकेर जिला कार्यालय पहुंच आत्मसमर्पण करने वाले 3 महिला समेत कुल 12 नक्सलियों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार, सरेंडर करने वाले माओवादियों ने बताया है कि बाहरी नक्सली लीडरों द्वारा छत्तीसगढ़ की महिला नक्सलियों समेत गांव की लड़कियों के साथ अनाचार किया जाता है। इसके कारण स्थानीय पुरुष नक्सली बदनाम हो रहे हैं। ये नक्सली अपने पास सेक्सवर्धक दवा पावर गोल्ड कैप्सूल तथा प्रेग्नेंसी टेस्ट किट भी रखते हैं।
लीडर नक्सली ग्रामीण लड़कियों को अपने प्यार में फंसा कर उनका शारीरिक शोषण करते हैं और गर्भ ठहर जाने पर उन्हें जान से मार देते हैं। इसका इल्जाम बैनर-पोस्टर के माध्यम से वे पुलिस पर लगाते हैं।








