
वर्धा (महाराष्ट्र) – ३० सितंबरको यहांके सर्कस मैदानमें जैन संत १०८ मुनि श्री समतासागरजी महाराज एवं मुनिसंघके मार्गदर्शनमें सभी हिन्दुनिष्ठ संगठन तथा जैन संप्रदायद्वारा गोवंशकी सुरक्षा, गोरक्षा एवं गोहत्या प्रतिबंधित होने हेतु विशाल मूक मोर्चा आयोजित किया गया था । मोर्चेको २ सहस्र ५०० गोप्रेमियोंद्वारा उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला ।
१. संत १०८ मुनि श्री समतासागरजी महाराजने कहा, ‘मनुष्यपर गाय एवं गोवंशोंके अनगिणत उपकार हैं । हम उन्हें आजीवन नहीं चुका सकते । अत्यंत न्यून दरोंमें कसाईयोंको गायोंका विक्रय किया जाता है; परंतु उसके अंग एवं मांसका विक्रय करनेपर उनसे बडी कमाई होती है । इस लोभके कारण अवैधानिक रूपसे पशुवधगृहोंका निर्माण कार्य किया गया है । इनके द्वारा सैकडों गोवंशोंकी निर्घृण रूपसे हत्या की जाती है । गायका दूध हम पीते हैं । इसलिए उसका ऐसा ऋण हमपर है, जो हम कभी नहीं चुका सकते, इसका हमें भान हो तथा उसका न्यूनतम ऋण भी हो, तो उसे चुकानेके उद्देश्यसे मूक मोर्चेका आयोजन किया गया है । गोवंशकी रक्षा होने हेतु श्री विद्यासागरजी महाराजने कसाईके पास जानेवाली गायोंका क्रय कर उन्हें गोशालामें भेजा एवं उनके लिए गोशालाओंका निर्माण किया ।’
२. प्रजापिता ब्रह्माकुमारी, योग वेदांत सेवा समिति, राष्ट्र संत तुकडोजी महाराज संप्रदाय, गायत्री परिवार, स्वाध्याय परिवार, सनातन संस्था, अखिल भारतीय जनतावादी महिला संगठन, बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद, गोरक्षा समिति, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, श्री राम मंदिर संस्थान, हिन्दू जनजागृति समिति आदि सभी संगठनोंके कार्यकर्ता मोर्चेमें सम्मिलित हुए ।
क्षणिकाएं
१. मोर्चेमें शालेय विद्यार्थी एवं प्रौढ व्यक्ति भारी संख्यामें उपस्थित थे ।
२. वर्धा नगरके व्यवसायी अपनी अपनी दुकानें बंद कर मोर्चेमें सम्मिलित हुए । उन्होंने अनेक स्थानोंपर पानीकी व्यवस्था की थी ।
स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात








