हिन्दू जनजागृति समिति तथा सनातन संस्था का आदर्श नवरात्रोत्सव अभियान !
पथनाट्य के माध्यम से स्वसंरक्षण प्रशिक्षण ग्रहण कर सक्षम बनने का संदेश, तथा कश्मीरी हिन्दुओं के समर्थनार्थ सक्रिय योगदान देने हेतू आवाहन

पुणे : यहां के सार्वजनिक नवरात्रि उत्सव मंडलों में समिति प्रणित रणरागिणी शाखाद्वारा प्रस्तुत पथनाट्य के उपरांत एवं ‘स्वसंरक्षण प्रशिक्षण – समय की आवश्यकता’ इस विषय पर मार्गदर्शन संपन्न होने पर ‘एक भारत अभियान’ के अंतर्गत यहां के रमणबाग शाला के मैदान पर होनेवाली हिन्दू धर्मजागृति सभा का भी प्रसार किया जा रहा है।
कश्मीरी हिन्दुओं को वर्ष १९९० में जिहादी आतंकवाद के कारण सभी संपत्ति वहीं पर छोड कर कश्मीर से पलायन करना पडा। २६ वर्षों तक उन्हें अपने ही देश में विस्थापित समान जीवन बिताना पडा। सर्वपक्षीय राजनेताओं की अनास्था के कारण यह प्रश्न अभी भी वैसा ही है। कश्मीरी हिन्दुओं की पीठ पीछे खडे रहना पूरे देश के धर्मबंधुओं का कर्तव्य ही है, ऐसा आवाहन करते हुए एक छोटे व्याख्यान के माध्यम से हिन्दू धर्मजागृति सभा का ही प्रसार किया जा रहा है !
नवरात्रि उत्सव मंडलों के पदाधिकारियों के साथ उपस्थित देवी भक्तोंद्वारा दोनों विषयों को उत्तम प्रतिसाद भी मिल रहा है !
अब तक सांगवी के सेवा मित्र मंडल, चिंचवड के अखिल चिंचवड नवरात्रि महोत्सव, कसबा पेठ के शितला देवी मंडल, शिवाजी मार्ग का गणराज मित्रमंडल, नाना पेठ का यंग भोरडे आळी मित्रमंडळ, घोरपडी का अखिल मित्रमंडल, सुखसागर नगर का सूर्यमुखी दत्त मंदिर आदि स्थानों पर पथनाट्य प्रस्तुती की गई।
क्षणिकाएं
१. घोरपडी के अखिल मित्रमंडल में, प्रस्तुत पथनाट्य के लिए लगभग ३०० से भी धर्माभिमानी एवं देवी भक्त उपस्थित थे। मंडल के अध्यक्ष श्री. ए.के. मिश्रा ने समिति के इस उपक्रम की प्रशंसा करते हुए बताया कि, समिति ने भविष्य में आनेवाले संकटों का विचार कर स्वसंरक्षण प्रशिक्षण का विषय हाथ में लिया है। उन्होंने अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा कि, यह उपक्रम आरंभ करनेवालों ने इस उपक्रम के पीछे एक महान दृष्टिकोण रखा है ! राजेश्वरी संस्था की अधिवक्ती श्रीमती निवेदिता बडदे ने पथनाट्य का आयोजन करने का दायित्व लिया था।
२. कश्मीरी हिन्दुओं के समर्थनार्थ आयोजित हिन्दू धर्मजागृति सभा का विषय सुन कर घोरपडी में एक निवृत्त लश्करी अधिकारी ने व्यासपीठ पर आ कर समिति के कार्यकर्ताओं को पुनः सभा का विषय प्रस्तुत करने को कहा तथा समितिद्वारा किए जानेवाले कार्य के संदर्भ में कार्यकर्ताओं के प्रति कृतज्ञता भी व्यक्त की !
३. धर्मप्रेमी श्री. गिरीश टोलीवाल ने समिति के कार्यकर्ताओं के पास धर्मकार्य की प्रशंसा करते हुए एवं समर्थन दर्शाते हुए कहा कि, ‘परिसर में रात्रि-अपरात्रि किसी भी समय सहायता लगी तो अवश्य रूप से कहें !’
स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात








