Menu Close

कोल्हापूर (महाराष्ट्र) : हिन्दुत्वके लिए प्रयासरत व्यक्तिको ही विधानसभाका उम्मीदवार बनाएं– कोल

आश्विन कृष्ण पक्ष द्वादशी, कलियुग वर्ष ५११६

…अन्यथा हिंदुत्ववादियोंका समर्थन नहीं मिलेगा !

हिंदुत्वके सूत्रसे भ्रमित होनेवाली भाजपाको सही रास्तेपर लानेके लिए चेतावनी देनेवाले कोल्हापुरके हिन्दुनिष्ठ संंगठनोंका अभिनंदन !

बार्इं ओरसे सर्वश्री महेश उरसाल, संभाजी खराडे, संभाजी सालुंखे,
दिलीप भिवटे, चंद्रकांत बराले एवं सुधाकर सुतार

कोल्हापुर (महाराष्ट्र) – १७ सितंबरको कोल्हापुरके ‘हिन्दू एकता कार्यालय’में आयोजित पत्रकार परिषदमें हिन्दुनिष्ठ संंगठनोंद्वारा चेतावनी देते हुए कहा गया कि हिन्दुत्वके लिए निरंतर प्रयासरत एवं सदैव हिन्दुनिष्ठ कार्यकर्ताओंके अडचनोंके समय तत्पर रहनेवाले व्यक्तियोंको ही भाजपाका प्रत्याशी बनाया जाए, अन्यथा विधानसभामें भाजपा प्रत्याशीको हिन्दुनिष्ठोंका समर्थन नहीं मिलेगा । इस अवसरपर बजरंग दलके जनपदाध्यक्ष श्री. संभाजी सालुंखे, बजरंग दलके नगरप्रमुख श्री. महेश उरसाल, हिन्दू एकताके महाराष्ट्र प्रांत उपाध्यक्ष श्री. दिलीप भिवटे, हिन्दू एकताके जनपदाध्यक्ष श्री. चंद्रकांत बराले, सर्वश्री संभाजी खराडे, अण्णा पोतदार, प्रखर हिन्दुनिष्ठ श्री.सुधाकर सुतार तथा अन्य उपस्थित थे । (इतने दिनोंसे दैनिक सनातन प्रभातमें लिखे जानेवाले ‘भाजपा दूसरी कांग्रेस बन रही है,’ इस बातका पत्रकार परिषदके रूपमें समर्थन ही है ! अब तो इससे सबक लेकर भाजपा कृत्य करेंगी ? – संपादक, दैनिक सनातन प्रभात)

पत्रकार परिषदमें प्रस्तुत सूत्र…

१. पिछले माहमें राजनीतिमें सभी मर्यादाओंका उल्लंघन कर इचलकरंजी एवं दक्षिण कोल्हापुरके संभाव्य प्रत्याशीके रूपमें भाजपाद्वारा जिनके नाम दिए गए हैं, वे धक्कादायी हैं । यह  मतदाताओंके स्वाभिमानपर व्यंग्य  करनेकी घटना है ।

२. ६० वर्षोंके कार्यकालमें सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करना तथा जात-पातकी राजनीति कर हिन्दुओंमें भेदभाव निर्माण  करना, ऐसे कृत्य करनेवाली कांग्रेस एवं राष्ट्रवादी कांग्रेसके व्यक्तियोंको (दंगेखोरोंको) भाजपाके संभाव्य प्रत्याशीके रूपमें देखा जा रहा है, जो निषेधार्ह है ।

३. आनेवाली सत्ता गठबंधनकी ही है; परंतु चुनकर आए भाजपाके प्रत्याशी पूर्वके कांग्रेसके नेता रहेंगे, यह चित्र कितना विदारक होगा । इसका जनतापर होनेवाले परिणामको भाजपाके नेतृत्वको गंभीरतासे देखना होगा । जनता महाराष्ट्रकी विधानसभामें बाघ एवं सिंहको एक साथ बैठे देखना चाहती है । भेडिएको बाघ एवं सिंहकी खालमें नहीं देखना चाहती ।

४. इसलिए इचलकरंजीसे हिन्दुनिष्ठ संगठनोंद्वारा तेजस्वी वाणी, संस्कारी एवं अध्यात्मपर पकड रहनेवाले वंदनीय सद्गुरु संतोष उपाख्य बाळ महाराजको भाजपाद्वारा उम्मीदवारी दी जानी चाहिए । सद्गुरु बाळ महाराज सर्वसमावेशक व्यक्तिवाले हैं । इसलिए वहां किसी भी कांग्रेसी अथवा राष्ट्रवादी कांग्रेसके व्यक्तिको स्थान न दें  । भाजपा यह न भूले कि वर्तमान विधायक श्री. हालवणकरको  चुननेमें सद्गुरु बाळ महाराज एवं स्थानीय हिन्दुनिष्ठ संगठनोंका महत्वपूर्ण सहभाग था ।

५. दक्षिण कोल्हापुरसे भी उम्मीदवार भाजपा पक्ष एवं हिन्दुनिष्ठ संगठनका ही होना चाहिए ।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

Latest News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *