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भारत फोर्ज ने बोफोर्स से पावरफुल तोप बनाई

आश्विन कृष्ण पक्ष षष्ठी, कलियुग वर्ष ५११६

कारगिल की लड़ाई में बहुत से सैनिकों के मारे जाने के बाद सेना को मिशन रद्द करने पड़े थे। इसके बाद उसने पाकिस्तानी चौकियों को नष्ट करने के लिए विवादास्पद बोफोर्स तोपों के इस्तेमाल का फैसला किया था। यह रणनीति कामयाब रही, लेकिन जल्द ही सेना के पास इन तोपों के लिए एम्युनिशन खत्म होने लगा। इसके बाद डिफेंस मिनिस्ट्री ने बोफोर्स १५५ एमएम होवित्जर्स के लिए 'शेल्स' बनाने का काम बाबा कल्याणी की कंपनी भारत फोर्ज को दिया।

भारत फोर्ज के चेयरमैन कल्याणी को वे दिन आज भी याद हैं। उनकी कंपनी को तब एक लाख 'शेल्स' का 'इमरजेंसी ऑर्डर' मिला था। इससे कंपनी की कम समय में हाई-क्वॉलिटी प्रॉडक्ट्स बनाने की क्षमता भी साबित हुई, जिससे इसे ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री में दुनियाभर में साख मजबूत करने में मदद मिली।

उस घटना के करीब १५ साल बाद अपनी फ्लैगशिप कंपनी भारत फोर्ज के साथ ग्रुप आर्टिलरी इक्विपमेंट बना रहा है, जिनका ट्रायल जल्द ही भारतीय सेना शुरू करेगी। इससे ग्रुप को डिफेंस सेक्टर में प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी बढ़ाने की नरेन्द्र मोदी सरकार की कोशिश का फायदा उठाने में मदद मिलेगी।

कल्याणी ने ईटी को दिए इंटरव्यू में बताया, 'केंद्र सरकार डिफेंस प्रॉडक्ट्स की लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दे रही है। इसके लिए हमारी कंपनी तैयार है।' सरकार ने इस सेक्टर को विदेशी इनवेस्टमेंट के लिए भी खोला है। इससे विदेशी कंपनियां भारतीय फर्मों को टेक्नॉलजी ट्रांसफर कर सकेंगी।

अपने आर्टिलरी इक्विपमेंट वेंचर के लिए भारत फोर्ज ने इस्रायल की डिफेंस इक्विपमेंट मेकर एल्बिट सिस्टम्स के साथ जॉइंट वेंचर बनाया है। यह वेंचर शुरुआत में होवित्जर १५५ एमएम के मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम पर काम करेगा। भारत फोर्ज ने नई होवित्जर भी बनाई है।

कल्याणी का कहना है कि यह मौजूदा बोफोर्स गन से ज्यादा पावरफुल है। उन्होंने बताया, 'हमारी आर्टिलरी गन बोफोर्स से बेहतर होगी। ऑपरेशनल पैरामीटर की बात की जाए तो यह खुद से २५ किलोमीटर प्रति घंटा मूव कर सकती है और यह ५२ कैलिबर राउंड्स लेगी, जबकि बोफोर्स की क्षमता ३९ कैलिबर की है।'

भारतीय सेना सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत तक भारत फोर्ज के आर्टिलरी इक्विपमेंट का परीक्षण शुरू कर देगी। अल्ट्रा लाइट गन टेस्टिंग के लिए सितंबर के अंत में तैयार होगी, जबकि १५५ एमएम आर्टिलरी गन का ट्रायल दिसंबर तक शुरू होगा। १५५ एमएम अल्ट्रा लाइट गन टेस्टिंग के लिए अगले वर्ष के मध्य तक तैयार हो जाएगी।

स्त्रोत : नवभारत टाइम्स

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