आश्विन कृष्ण पक्ष द्वितिया, कलियुग वर्ष ५११६
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इराक – इस्लामिक आंतकी संगठन "इस्लामिक स्टेट" आत्मघाती हमलों के लिए बच्चों का इस्तेमाल कर रहा है। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि ने दी।
प्रतिनिधि ने कहा कि "इस्लामिक स्टेट" करीब १३ वर्ष की आयु के लड़कों को हथियार लाने ले जाने, क्षेत्र निगरानी और नागरिकों को गिरफ्तार करने में इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अन्य बच्चों आत्मघाती बम के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
बच्चों और सशस्त्र संघर्ष पर नजर रखने वाली सुयंक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि लीला जीरोगी ने न्यूयार्क में सुरक्षा परिषद की बैठक में यह बात कही।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार साल की शुरूआत से अब तक करीब ७०० बच्चे मारे जा चुके हैं। गौरतलब है कि हाल ही में इराक और सीरिया में "इस्लामिक स्टेट" एक बड़े आंतकी संगठन के रूप में उभरा है।
स्त्रोत : पत्रिका








