Menu Close

मदरसों की आड में देशभर में चल रहा है लव जिहाद का बड़ा षडयंत्र : स्वामी सच्चिदानंद हरि साक्षी महारा

भाद्रपद शुक्ल पक्ष त्रयोदशी, कलियुग वर्ष ५११६

लखनऊ (उत्तरप्रदेश) – लव जिहाद को लेकर देशभर में बयानबाजी का दौर चल रहा है ऐसे में यूपी के उन्नाव से बीजेपी सांसद स्वामी सच्चिदानंद हरि साक्षी महाराज ने मदरसों को आतंकवाद का अड्डा बताया है । इतना ही नहीं सच्चिदानंद के मुताबिक मदरसों के माध्यम से पूरे देश में लव जेहाद का बहुत बड़ा षडयंत्र रचा जा रहा है ।

उन्होंने मदरसों की जांच कराकर कार्रवाई करने और उन्हें बंद करने की भी बात कही । पांच बार सांसद रह चुके स्वामी सच्चिदानंद ने शनिवार को एटा में विवादित बयान देते हुए कहा कि जहां-जहां मुसलमान बहुसंख्यक होता है, वहां पर ही सांप्रदायिक दंगे होते हैं, लेकिन जो स्थान हिंदू बाहुल्य होते हैं, वहां ये घटनाएं नही घटती हैं ।

उन्होंने कहा कि यह बात मैं और योगी आदित्यनाथ नहीं कह रहे, अब तो जापान के प्रधानमंत्री ने भी कह दिया है कि जहां मुस्लिम संख्या ज्यादा होती है वहीं सांप्रदायिक दंगे होते हैं । उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने भी कहा था कि हिंदुस्तान में इतने मदरसे हैं इनको तत्काल प्रभाव से बंद करना चाहिए, क्योंकि इन मदरसो में केवल आतंकवादी गतिविधियां सिखाई जाती हैं ।

उन्होंने कहा कि मैं योगी आदित्यनाथ, जापान के प्रधानमंत्री और अब्दुल कलाम के मत से सहमत हूं कि जहां-जहां मुस्लिम संख्या बहुत बड़ी मात्रा में है, वहां पर सांप्रदायिक दंगे होते हैं । उन्होंने कहा इन मदरसों पर नियंत्रण करने की जरूरत है और हिंदुस्तान में चलने वाले सभी मदरसे सरकारी नियंत्रण में होने चाहिए और इनकी परीक्षा होनी चाहिए कि आखिरकार यहां होता क्या है?

सच्चिदानंद ने कहा, 'मदरसों में लव जेहाद का षडयंत्र चल रहा है । वे बकायदा इसके रेट रखते हैं कि अगर सरदार की लड़की हो तो नौ लाख रुपये, अगर जैन की लड़की है तो आठ लाख रुपये और अगर हिंदू की लड़की है तो सात लाख रुपये । जेहाद चलाने के लिए इनको पैसा अरब देशों से मिलता है ।'

बीजेपी सांसद ने आगे कहा, 'और मुझे लगता है कि देश का इस्लामीकरण करने के लिए सारे के सारे षडयंत्र चल रहे हैं । इनकी जांच होनी चाहिए इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए ।'

स्त्रोत: आज तक

Latest News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *