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उत्तरप्रदेश मे वैश्य समाज का निर्णय : ‘लव जिहाद’ से लड़ने के लिए लड़कियों के फोन रखने पर बैन

भाद्रपद शुक्ल पक्ष अष्टमी, कलियुग वर्ष ५११६

उत्तर प्रदेश में 'लव जिहाद' से लड़ने के लिए स्कूली छात्राओं से मोबाइल फोन न रखने के लिए कहा गया है ।

आगरा में वैश्य समाज की संस्था अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद ने अपने समाज की किशोरियों और स्कूली छात्राओं के मोबाइल फोन रखने पर बैन लगाया है।

आगरा में हुई समाज की बैठक में केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र सहित हजारों लोग शामिल हुए थे। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमंत गुप्ता के मुताबिक राज्य में समाज की लड़कियों के फोन यूज करने पर बैन लगाना इसलिए जरूरी हो गया कि राज्य सरकार एक विशेष कम्यूनिटी को विशेष सुविधाएं दे रहा है।

वैसे ऐसे फैसले पहले भी कई बार आ चुके हैं लेकिन वह खाफ पंचायत या ग्रामीण क्षेत्र की संस्थाओं द्वारा लिए जाते थे। किसी शहरी संस्था द्वारा ऎसा पहला फैसला है।

१२वीं क्लास के बाद लड़कियां रख सकती हैं फोन

संस्था का कहना है कि १२ क्लास के बाद लड़कियां फोन रख सकती हैं। साथ ही संस्था ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक गजेट्स और इंटरनेट हमारी लड़कियों के करियर को चौपट कर रहा है। मोबाइल और इंटरनेट की वजह से युवा 'लव जिहाद' के जाल में फंस रहे हैं।

संस्था के अध्यक्ष का कहना है कि राज्य में ऎसी घटनाएं सामने आने के बाद हम लोग चिंतित और दुखी हैं, विशेषकर वैश्य समाज की लड़कियों के शामिल होने के बाद। हमारे पास सावधानी बरतने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।

संस्था पूरे राज्य में किशोरियों और महिलाओं के लिए मोबाइल फोन यूज करने पर रोक लगाने के लिए एक यूनिट बनाएगी, जोकि उन्हें प्यार से समझाएगी। हालांकि उन पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं डाला जाएगा। इसके साथ ही असामाजिक तत्वों और लव जिहादियों से निपटने के लिए लड़कियों को कराटें की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

स्त्राेत: सहारा लाइव्ह

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