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कश्‍मीर के बिना बातचीत से पाकिस्‍तान का इनकार, मुशर्रफ ने दी परमाणु ताकत की धौंस

भाद्रपद शुक्ल पक्ष तृतीया, कलियुग वर्ष ५११६

क्या अभी भी नरेंद्र मोदी पाकिस्तान से मित्रता करना चाहेंगें ?

नई दिल्‍ली : पाक‍िस्‍तान ने बुधवार को कहा कि भारत और उसके बीच तब तक बातचीत नहीं हो सकती, जब तक कश्‍मीर मुद्दे पर चर्चा न हो। पाकिस्‍तान सरकार के सूचना विभाग की तरफ से यह बयान दिया गया। उधर, पाकिस्‍तान के पूर्व राष्‍ट्रपति रिटायर्ड जनरल परवेज मुशर्रफ ने भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोला। मुशर्रफ ने कहा कि मोदी मुसलमान विरोधी हैं और उनकी नीतियां पाकिस्‍तान के खिलाफ हैं। मुशर्रफ १९९९ से २००८ के कार्यकाल के दौरान देशद्रोह और दूसरे आपराधिक मुकदमों का सामना कर रहे हैं। बता दें कि बीते कुछ वक्‍त में भारत और पाकिस्‍तान के रिश्‍ते बेहद तल्‍ख हो चले हैं। बीते १५ दिनों में पाकिस्‍तान की ओर से सीजफायर उल्‍लंघनों के बढ़ते मामले और पाकिस्‍तानी हाई कमिश्‍नर के अलगाववादी नेताओं से मुलाकात से नाराज होकर भारत ने पाक के साथ प्रस्‍तावित विदेश सचिव स्‍तर की बैठक रद्द कर दी थी।

'मुसलमान विरोधी हैं मोदी'

मुशर्रफ ने एक पाकिस्‍तानी चैनल पर कहा, 'मैं मोदी साहब के बारे में कुछ कहना चाहता हूं। आपको उनकी सरकार के रवैए पर ध्‍यान देना चाहिए। जब आप मोदी साहब की असलियत पर ध्‍यान देंगे तो पाएंगे कि वह मुसलमान और पाकिस्‍तान विरोधी हैं। इस बात में कोई शक नहीं है।'

'हल्‍के में न ले भारत'

मुशर्रफ ने यह भी कहा कि भारत को पाकिस्‍तान को हल्‍के में नहीं लेना चाहिए क्‍योंकि वह न्‍यूक्‍‍िलयर पावर है। मुशर्रफ ने कहा, 'हम एक शक्‍तिशाली राष्‍ट्र हैं। अगर वे मुसलमान या पाकिस्‍तान विरोधी बातें करते हैं तो हमें इंतजार करना चाहिए। हम एक न्‍यूक्‍‍िलयर पावर भी हैं। हिंदुस्‍तान और मोदी साहब को कोई शक न रहे। हम शांति और सम्‍मान के साथ रहना चाहते हैं। इससे वह यह न समझें कि वह पाकिस्‍तान के साथ कुछ भी कर सकते हैं। वह हमारा कुछ नहीं कर सकते।'

 'वायसराय नहीं मोदी'

मुशर्रफ ने कहा, मैं यह कहना चाहूंगा कि हमें किसी तरह के संघर्ष में नहीं फंसना चाहिए। अब वह पीएम हैं। उन्‍होंने पाकिस्‍तान के संदर्भ में अपने पत्‍ते नहीं खोले हैं। अभी तक हमने उनकी मुसलमानों या पाकिस्‍तान के खिलाफ कोई टिप्‍पणी नहीं सुनी है। हमें उनके पहले कदम का इंतजार करना चाहिए। हमें ऐसा बर्ताव नहीं करना चाहिए कि मानों वह कहीं के वायसराय हों। हमें उनका फेवर हासिल करने के लिए जल्‍दबाजी करने की जरूरत नहीं है।'

स्त्रोत : आज तक

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