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चर्च बना मंदिर, ईसाई हुए हिन्दू

भाद्रपद शुक्ल पक्ष तृतीया, कलियुग वर्ष ५११६

हाथरस (उत्तरप्रदेश) – गांव असरोई में मंगलवार को २० वर्ष पुराने चर्च ने मंदिर का रूप ले लिया। गांव में हिन्दू से ईसाई बने आठ परिवारों के करीब ६० लोगों ने फिर से हिन्दू धर्म में वापसी की। उन्होंने ईसाई मिशनरियों पर झूठे प्रलोभन देकर हिन्दू से ईसाई बनाने का आरोप भी लगाया। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की धर्मजागरण समिति, बजरंग दल व आर्य समाज के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हवन-यज्ञ और मंत्रोच्चारण से सभी लोगों का पुन: धर्मातरण किया गया।

हाथरस जिला मुख्यालय के निकटवर्ती व अलीगढ़ जिले के इगलास थाना क्षेत्र के गांव असरोई में करीब २० वर्ष पहले आठ हिन्दू परिवारों ने धर्मातरण कर ईसाई धर्म अपना लिया था। ईसाई मिशनरियों ने प्रार्थना के लिए गांव में चर्च भी बनवा दिया। आरोप है कि ईसाई मिशनरियों ने उन्हें पैसा, नौकरी, स्कूल व अन्य सुविधाएं देने के प्रलोभन दिए, मगर कोई वायदा पूरा नहीं किया। कुछ समय पूर्व ये लोग उनके संपर्क में आए। उनकी समिति हिन्दू धर्म से ईसाई, मुस्लिम या अन्य धर्म अपनाने वाले लोगों को हिन्दू धर्म में वापस लाने का कार्य करती है। स्थानीय सदस्य खेमचंद ने इन परिवारों के तत्काल हिन्दू धर्म में वापसी कराने के लिए उनसे संपर्क किया। उन्होंने खुद इन परिवारों को हिन्दू धर्म में लौटने के लिए राजी किया। इसके बाद उनका धर्मातरण किया गया।

हिन्दू धर्म के खिलाफ साजिश

राष्ट्रीय स्वयं संघ की धर्म जागरण समिति के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय प्रमुख राजेश्वर सिंह ने बताया कि हिन्दू धर्म के खिलाफ साजिश रची जा रही है। गांव असरोई के हिन्दू परिवारों को वर्ष 1995 में सेवेन डेज चर्च के मिशनरियों ने ईसाई बनाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह चर्च पूरे देश में हिन्दुओं को ईसाई बनाने में जुटा हुआ है। आंध्र प्रदेश के एक पूर्व मुख्यमंत्री खुद इसके सदस्य रहे हैं। यह चर्च यहां पर हापुड़ से संचालित हो रहा है।

चर्च में गूंजा 'जय श्री राम'

धर्म जागरण समिति के क्षेत्रीय प्रमुख राजेश्वर सिंह, ब्रज प्रांत के सह प्रमुख विपिन चन्द्र लाल, बजरंग दल के प्रांत सुरक्षा प्रमुख अभिषेक रंजन आर्य, अलीगढ़ व हाथरस के अन्य हिन्दू संगठनों से जुड़े लोग मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजे गांव स्थित चर्च पहुंचे। हिन्दू नेताओं ने जय श्री राम का उद्घोष किया। इसके बाद हवन-यज्ञ शुरू किया गया। हिन्दू से ईसाई बने सभी लोगों से हवन में आहुति डलवाई गई। वेद मंत्रोच्चारण के साथ उनकी हिन्दू धर्म में वापसी हुई। इस मौके पर हिन्दू हेल्पनाइन के जिला प्रमुख अनूप वाष्र्णेय, बजरंग दल के गोरक्षा प्रमुख मनोज शर्मा, गोविंदा पहलवान, मानवेन्द्र सिंह, अंकुश राजौरिया, कृष्णकांत वशिष्ठ, ललित कुमार आदि हिन्दू नेता मौजूद रहे।

शपथ-पत्र सौंपा

धर्मातरण के दौरान सभी परिवारों ने आर्य समाज हाथरस के प्रतिनिधि को हिन्दू धर्म का सर्टिफिकेट देने के लिए अपने शपथ-पत्र भी सौंपे। उन्होंने साफ कहा कि ईसाई मिशनरियों ने गुमराह व बहला-फुसलाकर उनका धर्म बदलवाया था। समिति से संपर्क के बाद उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ कि उनके सभी पूर्वज हिन्दू ही थे तो फिर ईसाई बनने का क्या औचित्य?

चर्च में लगीं तस्वीरें

धर्मातरण के दौरान चर्च की पहचान के सभी अवशेष व चिह्न हटा दिए गए। उनके स्थान पर हिन्दू देवी-देवताओं की तस्वीरें लगी दी गईं। बजरंग दल के प्रांत सुरक्षा प्रमुख अभिषेक रंजन आर्य ने बताया कि चर्च को मंदिर में बदल दिया गया है। उसमें जल्द ही हिन्दू देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित कर दी जाएंगी।

स्त्रोत : जागरण

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