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वेद पढ़ने के लिए ‘विक्रम’ आना चाहता है ब्रिटिश छात्र

भाद्रपद कृष्ण पक्ष प्रतिपदा, कलियुग वर्ष ५११६

उज्जैन (मध्यप्रदेश) – एक ब्रिटिश छात्र ने विक्रम विश्वविद्यालय से वेद पाठ्यक्रम में मास्टर डिग्री करने की इच्छा जताई है। वह पढ़ाई के लिए भारत में रहना चाहता है। विद्यार्थी ने कोर्स, विवि और फीस आदि के बारे में जानकारी मांगी है, जिसे उस तक पहुंचाया जा रहा है।

विद्यार्थी का नाम रॉस जोन्स है। वह फिलहाल यूरोप में रहता है। वेद अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष डॉ.राजेश्वर शास्त्री मूसलगांवकर को छात्र ने ई-मेल से संपर्क किया है। उसने लिखा है कि वह विक्रम विवि से वेद स्टडीज में मास्टर डिग्री करना चाहता है। छात्र मॉडर्न हिस्ट्री में बीए तथा एमबीए कर चुका है।

कोर्स और विश्वविद्यालय के संबंध में विद्यार्थी ने जानकारी चाही है, जिसे जल्द से जल्द उसे मुहैया कराया जा रहा है। इसके अलावा विद्यार्थी ने मेल में लिखा है कि वह संस्कृत भाषा पढ़ने में सक्षम नहीं है, लेकिन वेद और ज्योतिष की समझ रखता है।

विवि को भी होगा फायदा

साहित्यिक दृष्टि से उज्जैन देश-दुनिया में अपना एक अलग स्थान रखता है। ऐसे में विदेशी छात्र के यहां आने से विश्वविद्यालय को भी फायदा होगा। वे यहां की कला और साहित्य जगत से रूबरू होंगे। दूसरी तरफ इसके माध्यम से अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक आदान-प्रदान की संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं।

गौरतलब है कि इस दिशा में विवि प्रशासन प्रयासरत् है। अगले माह सितंबर में एक इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस विवि द्वारा आयोजित की जा रही है, जिसमें देश-दुनिया के छात्र हिस्सा लेने उज्जैन आएंगे।

इनका कहना है

विदेशी छात्र की यहां पढ़ने की जिज्ञासा से साफ होता है कि वेद अध्ययन में विवि की ध्वनि अंतरराष्ट्रीय है। जल्द ही छात्र को जवाबी ई-मेल भेज दिया जाएगा। विद्यार्थी को प्रवेश मिले, इसके लिए हर संभव प्रयास करेंगे। – डॉ.राजेश्वर शास्त्री मूसलगांवकर, विभागाध्यक्ष, वेद अध्ययनशाला विक्रम विवि

स्त्रोत : नर्इ दुनिया

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