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अल् कायदा से अब भी डरता है पूरा यूरोप, हर साल अरबों रुपए की फिरौती देते हैं अंग्रेज !

श्रावण शुक्ल पक्ष चतुर्थी , कलियुग वर्ष ५११६

इराकी जिहाद में भारतीय आतंकी...!

माली –  एक जर्मन अधिकारी पर आरोप लगा है कि उसने एक खाली सैन्य जहाज से कार्गो पहुंचे। यह उस वक्त पहुंचे जब माली के राष्ट्रपति के साथ एक गुप्त बैठक होने वाली थी। इस पर संदिग्ध जताया जा रहा है। इस जहाज में पांच सूटकेस में करीब ५  मिलियन यूरो बरामद किया गया था। आधिकारिक रुप से कहा गया है कि जर्मनी ने मानवीयता के नाते धन वह गरीब देशों को दे रहे हैं। न्यूयार्क टाइम्स ने एक जांच में पाया कि अलकायदा और उसके सहयोगी को पिछले वर्ष तक ६.६  करोड़ यूरो (करीब ५.३५ अरब रुपए) का भुगतान किया गया था और उसने अपहरण के माध्यम से साढ़े १२ करोड़  यूरो (करीब १०.१३  अरब रपए) का फायदा लिया है।

अपहरण एक व्यवसाय बन चुका है। अलकायदा के नेता नसार अल वुहैशी ने लिखा है कि अपहरण एक आसान तरीका है जिससे धन प्राप्त किया जा सकता है। संयुक्त राष्ट्र के अफ्रीकन मामले के सुरक्षा सचिव विकी हडलस्टन ने बताई कि जब वह २००३ में माली के राजदूत थे तब जर्मनी ने धन का पहला किश्त जमा किया था। यह काफी खतरनाक है क्योंकि इससे आतंकवादी गतिविधियां बढ़ती है जो नागरिकों को कमजोर करना है। जर्मनी ने इस तरह की खबरों का खंडन किया है। उसने किसी भी आतंकवादी संगठन को धन मुहैया कराने की बात से इंकार किया है।

स्त्रोत : हरी भूमि

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