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मालदा हिंसा : कारोबार चौपट, असुरक्षित हिन्दू व्यवसायियोंका पलायन

मालदा (पश्चिम बंगाल) : हिंदूू महासभा के स्वयंभू नेता कमलेश तिवारी के पैगंबर साहब के बारे में आपत्तिजनक बयान के विरोध में मुस्लिम संगठनों की उग्र भीड़ के उत्पात के शिकार कालियाचक के हिंदूू व्यापारी घटना के नौ दिन बाद भी अपनी दुकानें खोलने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं।

कालियाचक के चौरंगी मोड़ पर उग्र भीड़ का निशाना बने कई बड़े व्यापारी पलायन के मूड में हैं तो छोटे व्यापारियों के सामने रोटी-रोटी का संकट है। व्यापारी इसलिए और भयभीत हैं, क्योंकि पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आश्वासन नहीं दिया जा रहा है। मुआवजे की मांग पर भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

अपनी दुकान में लूट के शिकार रमेश घोष ने बताया कि भीड़ ने आसपास की अन्य दुकानों की तरह ही मेरी दुकान पर भी धावा बोल सारा सामान लूट लिया था। फिलहाल, तय नहीं कर पा रहा हूं कि दुकान फिर से खोलूं या कहीं और चला जाऊं। कपड़े के कारोबारी पीयूष चौधरी ने बताया कि थाने पर हमला करने और वाहनों को आग के हवाले करने वाली भीड़ ने उनकी दुकान में भी आग लगाने की कोशिश की थी। कई लोगों के विरोध में एकजुट होने के कारण किसी तरह दुकान तो बच गई, लेकिन दहशत अब तक कायम है।

उनके मुताबिक बालियाडांगा से चौरंगी तक हम हिंदुओं की दुकानों में सुनियोजित ढंग से लूटपाट, आगजनी व तोड़फोड़ की गई। चौरंगी मोड़ के ही व्यवसायी तपन मंडल ने फोन पर बताया कि डेढ़ दशक से कारोबार कर रहा हूं मगर ऐसी घटना पहली बार हुई। वह परिवार को लेकर रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हैं। उनके बचों की पढ़ाई बंद है, लौटने की भी नहीं सोच रहे हैं। स्वपन कुंडू ने बताया कि मैं दुकान तो खोलने लगा हूं पर शाम होते ही घर चला जाता हूं।

स्त्रोत : जागरण 

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