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इंडोनेशिया में पैर जमाना चाहता है इस्लामिक स्टेट : ऑस्ट्रेलिया

सिडनी – ऑस्ट्रेलिया ने चेतावनी दी है कि, दुनिया की सबसे ज्यादा मुसलमान जनसंख्या वाले देश में ‘प्रांतीय खिलाफत’ स्थापित करने के सपने के साथ इस्लामिक स्टेट संगठन इंडोनेशिया में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए काम कर रहा है। इंडोनेशियाई और ऑस्ट्रेलियाई मंत्रियों, पुलिस प्रमुखों और सुरक्षा अधिकारियों की बैठक में शिरकत करने वाले अटॉर्नी जनरल जॉर्ज ब्रैंडिस ने कहा कि, यह ऑस्ट्रेलिया और पश्चिमी देशों के हितों पर खतरा है।

ब्रैंडिस ने ‘द ऑस्ट्रेलियन’ नामक समाचारपत्र को बताया, ‘इस्लामिक स्टेट की महत्वाकांक्षा इंडोनेशिया में अपनी मौजूदगी और स्तर बढ़ाने की है। फिर चाहे ऐसा सीधे तौर पर किया जाए या फिर प्रतिनिधियों के जरिए।’ उन्होंने कहा, ‘क्या आपने ‘प्रांतीय खिलाफत’ के बारे में सुना है?’ ब्रैंडिस ने कहा, ‘इस्लामिक स्टेट ने मध्यपूर्व के बाहर भी खिलाफत स्थापित करने के इरादे की घोषणा की है जिसके तहत क्षेत्रीय खिलाफत अस्तित्व में आएंगी। उसने अपनी इन महत्वाकांक्षाओं के स्थान के रूप में इंडोनेशिया को चिह्नित किया है।’

सुन्नी इस्लाम के कट्टरपंथी सिद्धांतों पर विश्वास रखने वाले इस्लामिक स्टेट ने पहले ही सीरिया और उत्तरी इराक के कई क्षेत्रोमें खिलाफत की घोषणा कर दी है। ये वे क्षेत्र हैं, जहां इस्लामिक स्टेट का कब्जा है। ब्रैंडिस की ये टिप्पणियां इंडोनेशियाई पुलिस द्वारा जकार्ता में एक आत्मघाती हमले की योजना को विफल किए जाने और इस्लामिक स्टेट से जुड़े चरमपंथियों को बन्दी बनाए जाने के बाद आई हैं।

जावा में चल रही तीन दिवसीय छापेमारी रविवार को समाप्त हुई। इस छापेमारी में विस्फोटक सामग्रियों का एक जखीरा और इस्लामिक स्टेट से प्रेरित एक झंडा बरामद किया गया। इस संबंध में नौ लोगों को बन्दी बनाया गया है । इंडोनेशिया के राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख ने कहा कि, चरमपंथियों ने शॉपिंग मॉल, पुलिस स्टेशन और देश के अल्पसंख्यक समूहों को निशाना बनाया था। देशभर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

सिडनी और जकार्ता में द्विपक्षीय वार्ताओं के बाद ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया के वरिष्ठ मंत्री सोमवार को आपस में खुफिया जानकारी साझा करने पर सहमत हो गए। यह जानकारी आतंकवाद के वित्तपोषण से भी जुड़ी होगी। समाचारपत्र ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों का मानना है कि, इस्लामिक स्टेट द्वारा इंडोनेशिया के भीतर खिलाफत स्थापित कर पाने की संभावना बहुत कम ही है किंतु उन्हें इस बात को लेकर गहरी चिंता है कि वह उस देश में स्थायी तौर पर पैर जमा सकता है।

ऐसा होने पर वह इंडोनेशिया के अंदर और बाहर पश्चिमी देशों और ऑस्ट्रेलिया के हितों के खिलाफ हमले कर सकता है। न्याय मंत्री माइकल कीनान ने कहा कि जिहादी समूहों के उदय के कारण दोनों देशों की सुरक्षा में अस्थिरता आई है।

स्त्रोत : नवभारत टाइम्स

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