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पर्वतीदर्शन (पुणे-महाराष्ट्र) में जिहादीयोंद्वारा किए गए हिंसा के विरुद्ध शिवसेना का मोर्चा

‘एमआइएम’ के बढते हुए प्राबल्प पर प्रतिबंध लगाकर हिंसा करनेवाले वास्तविक अपराधियोंको बंदी बनाने की मांग !

मोर्चा में सहभागी शिव सैनिक

पुणे (महाराष्ट्र) : ७ जुलाई के रात्रि पर्वतीदर्शन (पुणे) में मुसलमानोंने ऊधम मचाते हुए हिन्दुओंपर आक्रमण किया। साधारण कारण से हुए इस पूर्वनियोजित हिंसा में हिन्दुओंके घर, दुकानें, वाहन एवं मंदिरोंको लक्ष्य बनाया गया है। हिन्दू महिलाओं के साथ अश्लीलता का व्यवहार भी किया गया।

इस घटना के निषेधार्थ शिवसेनाद्वारा पुलिस आयुक्तालयपर भव्य मोर्चा का आयोजन किया गया। इस हिंसा के कारणभूत धर्मांधोंको बंदी बनाकर उन्हें कडा दंड करना चाहिए, उस समय ऐसी मांग भी की गई।

उस अवसर पर राज्यमंत्री विजय शिवतारे, शहरप्रमुख विनायक निम्हण, श्री. श्याम देशपांडे के साथ सैकडों शिवसैनिक उपस्थित थे। (धर्मांधोंकी हिन्दूविरोधी कार्रवाईयोंके संदर्भ में संगठित होकर प्रतिकार करनेवाली शिवसेना का अभिनंदन ! हिन्दुओंको उनकी सहायता हेतु शीघ्र आनेवाले शिवसैनिकोंका ही आधार प्रतीत होता है। – संपादक, दैनिक सनातन प्रभात)

शिवसेना के निवेदन में ये मांगें की गर्इं ….

१. देशद्रोही घोषणा करनेवाले, हिन्दू महिलाओंका विनयभंग करनेवाले तथा समाज में आतंक फैलाकर भय उत्पन्न करनेवाले हिन्दूविरोधी समाजकंटकोंके विरुद्ध त्वरित अपराध प्रविष्ट कर उन्हें बंदी बनाएं।

२. कट्टरपंथियोंके दबाव का शिकार होकर पुलिसद्वारा हिन्दू कार्यकर्ताओंपर प्रविष्ट किए गए झूठे परिवाद त्वरित हटाएं।

३. कट्टरपंथियोंने हिन्दुओंपर आक्रमण किया। ऐसा होते हुए भी हिन्दू कार्यकर्ताओंपर अपराध प्रविष्ट किए गए हैं। एक भी मुसलमान के घायल न होने पर भी हिन्दू कार्यकर्ताओंपर धारा ३०७ के अनुसार प्रविष्ट किए गए अपराध त्वरित निरस्त करें।

४. पर्वतीदर्शन परिसर में मुसलमानोंकी गुंडागिरी आरंभ थी; किंतु अनेक नागरिकोंद्वारा १०० क्रमांक पर संपर्क करने के पश्चात भी पुलिस घटनास्थलपर देर से पहुंची। हिंसा विरोधी दल भी ३ घंटे के पश्चात घटनास्थल पर पहुंचा। इसकी पूछताछ कर संबंधित पुलिस कर्मचारियोंपर कडी कार्रवाई करें।

५. एमआइएम संगठन पुणे शहर में जब से कार्यरत हुआ, उस समय से पुणे में धार्मिक संबंध बिगड चुके हैं। अतः ‘एमआइएम’ के पदाधिकारियोंको बंदी बनाकर उन पर कार्रवाई करें।

६. मस्जिद से धार्मिक भावना प्रक्षुब्ध की जाती है। अतः सर्व मस्जिदोंकी जांच कर वहां के अस्त्रशस्त्र अधिकार में लें।

७. ‘इस्लाम खतरे में’ की बांग देकर हिंसा करने का जिहादीयोंका षडयंत्र समय पर ही विफल बनाएं।


पढे – पुणे : नमाजपठन के पश्चात् साधारण कारण पर सैंकडो जिहादीयोंद्वारा हिन्दुओं पर सशस्त्र आक्रमण


स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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