
विस्फोटक से भरा जैकेट
टीवी चैनल ने पटना ब्लास्ट पर एनआईए के आईजी संजीव कुमार से बातचीत की। टीवी चैनल के मुताबिक, जिस आत्मघाती हमलावर के जरिए मोदी पर हमले की साजिश को अंजाम दिया जाना था उसे विस्फोटक से भरा जैकेट पहनाया जाना था। हमले के लिए रांची के सीठियो गांव में रिहर्सल भी की गई थी। इसके लिए एक पेड पर सुसाइड जैकेट बांधकर उसमें विस्फोट किया गया था।
अफरा-तफरी का फायदा उठाना चाहते थे
हैदर रांची का रहनेवाला है। पटना ब्लास्ट के बाद एनआइए ने उसे गिरफ्तार किया था। कुमार के मुताबिक साजिश यह थी कि गांधी मैदान में सीरियल ब्लास्ट कर अफरा-तफरी का माहौल बनाया जाए। इसका फायदा उठा कर आत्मघाती हमलावर को मोदी के पास पहुंचाया जाए और फिर सुसाइड बॉम्बर खुद को उड़ा ले। हैदर ने इसके लिए कई लोगों को ट्रेनिंग भी दी थी। हैदर पहले लोगों को आइएम में शामिल होने के लिए मोटिवेट करता और फिर उन्हें फिजीकल ट्रेनिंग देता। बता दें कि इस घटना के कुछ ही दिन पहले बीजेपी ने मोदी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में प्रोजेक्ट किया था।
राजीव गांधी की हत्या की साजिश को दोहराने का था प्लान
क्या हुआ था पटना ब्लास्ट में
रांची के रहनेवाले हैं अधिकतर आतंकी
पटना ब्लास्ट के सिलसिले में गिरफ्तार अधिकतर आतंकी रांची के ही रहनेवाले हैं। घटना के बाद एनआइए और रांची पुलिस ने हिंदपीढ़ी के इरम लॉज से बड़ी मात्र में टाइमर बम बरामद किए थे। लॉज से पुलिस को धार्मिक स्थलों का नक्शा भी मिला था। जांच में यह भी पता चला था कि आइएम के आतंकी रांची को शरणस्थली के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे।








