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डॉ. प्रवीण तोगडिया ने कहा, ‘योग नहीं है धर्मनिरपेक्ष’

तोगडिया जी से हम यह पूछना चाहेंगे कि, यदि वे इतना सब जानते हैं; तो उन्हीं के सहयोगी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने धर्मांधो के तुष्टीकरण हेतु ‘योग और इस्लाम’ नामक पुस्तिका क्यों प्रकाशित की ? और तो और, पुस्तिका में नमाज को योगासन क्यों कहा ? क्या ये भगवान शिव का और हिन्दू धर्म का अपमान नहीं है ? हिन्दुओ, ध्यान में रखो, संघ और विश्‍व हिन्दू परिषद केवल वक्तव्य करते हैं, परंतु हिन्दू हितों की रक्षा के लिए कुछ भी नहीं करते । इसीलिए हिन्दुओ, अब आपको ही संगठित होकर स्वयं पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए । – सम्पादक, हिन्दू जनजागृति समिति

जयपुर (राजस्थान) – योग कभी सेकुलर नहीं हो सकता है, बिना ओम शब्द के उच्चारण और सूर्य नमस्कार के योग महज व्यायाम ही है।

भगवान शंकर की देन है योग

प्रवीण तोगडिया ने जयपुर में इंडिया हेल्थ लाइन के आगाज के अवसर पर पत्रकारों के समक्ष ये बात कही। उन्होंने जयपुर में हेल्थ एम्बेसड़र्स को ट्रैनिंग दी। योग विषय पर तोगड़िया बोले, सम्पूर्ण संसार को योग भगवान शंकर की देन है।

बिना ॐ के उच्‍चारण के योग संभव नहीं

आरएसएस के हिन्दूवादी अग्रिम संगठन विश्‍व हिन्दू परिषद ने योग दिवस पर अपने अंदाज में टिप्पणी की। तीखी टिप्पणियों के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले प्रचंड हिन्दूवादी नेता और वीएचपी के अन्तर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ। प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि योग कभी भी सेकुलर नहीं हो सकता। बिना ओम और सूर्य नमस्कार के योग का कोई अर्थ नहीं फिर तो ये महज व्यायाम है जो जिम में जाकर भी हो सकता है।

स्त्रोत : न्यूज १८

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