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मिस्र : लग्जर शहर में ५२०० साल पुराने मंदिर पर आत्मघाती हमला, तीनों आतंकियों की मौत

लग्रजर (मिस्र) – मिस्र के लग्जर शहर में स्थित करनाक प्राचीन मंदिर पर बुधवार को हमला हुआ है। मंदिर परिसर में एक आत्मघाती ने खुद को बम से उड़ा लिया। मिस्र के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह मंदिर देश के प्राचीन काल के मंदिरों में से एक है और करीब ५२०० साल पुराना है। हर साल यहां लाखों टूरिस्ट आते हैं। तीनों आतंकियों के मारे जाने की खबर है, जबकि वहां मौजूद चार लोग घायल हुए हैं। दो आतंकी सुरक्षाकर्मियों की जवाबी गोलीबारी और एक आतंकी आत्मघाती धमाके में मारा गया है।

शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, तीन हथियारबंद आतंकी मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर कार से घुस गए। उनमें से दो आतंकी नीचे उतरे और उन्होंने सुरक्षाकर्मियों पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। इस दौरान तीसरा आतंकी कार में बैठकर बैरिकेड के पास चला गया और धमाका करके खुद को उड़ा लिया।

दो सुसाइड अटैक्स रोकने में कामयाब रही पुलिस

जानकारी के मुताबिक, नील नदी के किनारे स्थित मंदिर में पुलिस ने दो सुसाइड अटैक्स को रोकने में कामयाबी भी हासिल की। मंदिर पर हमला होते ही शहर की पुलिस ने परिसर को खाली करा दिया है और सुरक्षा की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है।

अभी तक किसी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। लेकिन, सिनाई प्रांत में सक्रिय इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकी संगठन पर इस हमले में शामिल होने के संदेह जताया जा रहा है।

पिछले साल आतंकी संगठन अंसार बेत अल-मकदिस ने इस्लामिक स्टेट के साथ जुड़ने की घोषणा की थी। गौरतलब है कि इस्लामिक स्टेट पहले ही इराक और सीरिया की दर्जनों ऐतिहासिक जगहों को निशाना बना चुका है और हजारों साल पुरानी सभ्यताओं के सबूतों को नष्ट कर रहा है।

१९९७ में भी हुआ था आतंकी हमला

गौरतलब है कि नवंबर १९९७ में लग्जर शहर के ३४०० साल पुराने हत्शेप्सुत मंदिर में घुसकर इस्लामिक आतंकियों ने पर्यटकों पर गोलियां चलाई थीं। नील नदी के पश्चिम में स्थित इस मंदिर पर हुए हमले में 58 लोग मारे गए थे।

स्त्रोत : दैनिक भास्कर

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