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इच्छाशक्ति होती, तो बहुत पहले बन जाता राममंदिर : पुरी पीठाधीश शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती

नवादा : अयोध्या में राममंदिर के मुद्दे पर मुसलमानों की आड़ में हिंदू नेता गलत कार्ड खेल रहे हैं। नेताओं के पास यदि दृढ़ इच्छाशक्ति होती, तो बहुत पहले अयोध्या में मंदिर बन गया होता। ये बातें पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने प्रेसवार्ता में कहीं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में इच्छा शक्ति की कमी है। आजादी के बाद प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के विरोध के बावजूद तत्कालीन गृहमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर बनवाया। मंदिर के आस-पास बसे 100 से अधिक मुसलिम परिवारों को दूसरी जगह बसाया गया।

उस समय न गोली चली, न गाली दी गयी। यह सरदार पटेल की इच्छाशक्ति व सामंजस्य का प्रमाण है। देश में प्रमुख मुद्दों को पूरा नहीं होने देने का सर्वाधिक विरोध हिंदू ही करते हैं। अयोध्या में मंदिर निर्माण, गोहत्या पर प्रतिबंध, गंगा की सफाई, केरल में श्री रामसेतु की रक्षा इन सभी मुद्दों पर हिंदू सबसे प्रभावी ढंग से विरोध करते दिखेंगे।

स्रोत : प्रभात

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