गया (बिहार) – औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड मुख्यालय से बिल्कुल सटे उमगा की पहाडि़यों पर स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर लाखों श्रद्धालुओं के आस्था और विश्वास का विराट प्रतीक है, मगर अब यह मंदिर ध्वस्त होने के कगार पर पहुंच गया है।
बड़ी-बड़ी दरारों तथा खिसक रहे पत्थरों को देख ऐसा लगता है कि यह मंदिर कभी भी भरभरा कर ढह सकता है। इसके बावजूद, जिला प्रशासन की नजर इस गरीमामयी मंदिर की ओर आज तक नहीं हुई है।
मंदिर की मरम्मत के बारे में जब जिला पदाधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पुरातत्व विभाग को पत्र लिखा गया है। मंदिर काफी पुराना है ऐसे में एक्सपर्ट ही इसकी देखभाल अच्छे तरीके से कर सकते हैं।
मंदिर की ऐसी दुर्दशा तब है जबकि पुरातत्व विभाग ने इसे सातवीं शताब्दी का मंदिर बताते हुए इसके संरक्षण का भी वादा कर रखा है। जरूरत है प्रशासनिक पहल की, ताकि ऐसे धरोहरों को संजो कर रखने वाले विभाग को उनका वादा याद आ सके।
स्रोत :न्यूज़ १८








