इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) : विश्व हिंदू परिषद ने आज दलितों को सम्मान देने की जरूरत को रेखांकित करते हुए दावा किया कि अस्पृश्यता की प्रथा के लिए ‘‘इस्लामी आक्रमणकारियों का दमन’’ जिम्मेदार है। विहिप संरक्षक अशोक सिंघल ने यहां कहा, ‘‘इस्लामी आक्रमण शुरू होने से पहले तक हिंदुओं में कोई अस्पृश्यता नहीं थी। हिंदू समाज में चार वर्ण थे जो पेशे पर आधारित थे। कामगारों का यह बंटवारा किसी भी तरीके से वर्गीकृत नहीं था। सभी से समान व्यवहार किया जाता था। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘कई सदियों पहले इस्लामी आक्रमणकारियों ने हिंदुओं के एक वर्ग को मैला ढोने जैसा काम करने के लिए मजबूर किया क्योंकि उस वर्ग ने दमन के बावजूद इस्लाम धर्म अपनाने से इनकार कर दिया था। ’’ सिंघल ने कहा, ‘‘इस गलती को ठीक करने का सही समय आ गया है। मैं हिंदुओं का आह्वान करता हूं कि वे दलितों को वह सम्मान दें जिसके वे हकदार हैं। उन्हें आगे से अछूत नहीं बल्कि धर्मयोद्धा के रूप में देखा जाना चाहिए जिन्होंने अपना धर्म छोड़ने की बजाय ऐसे काम करने का फैसला किया और अपमान सहा। ’’
स्रोत : प्रभात खबर








