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आगरा (उत्तर प्रदेश) : फेसबुक पर ‘लव जिहाद’ चलाने वाले यूसुफ पर मुकदमा

love-jihad-hnआगरा (उत्तर प्रदेश) – फेसबुक पर ‘लव जेहाद’ चलाने वाला शाहदरा का मो. यूसुफ कानूनी शिकंजे में फंस गया। शातिर का शिकार बनी एमएससी की छात्रा के परिजनों ने उसके खिलाफ रकाबगंज थाने में दुराचार की कोशिश, धोखाधड़ी और आइटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। गिरफ्तार होने के बाद पुलिस की पूछताछ में शातिर ने अपने जुर्म का इकबाल भी कर लिया। पुलिस उसे जेल भेजने की तैयारी कर रही है।

स्नातक तक पढ़े यूसुफ (२७ ) का अधिकांश समय फेसबुक पर बीतता था। मोबाइल से फेसबुक अकाउंट ऑपरेट करने वाले शातिर ने सदर क्षेत्र की एमएससी की छात्रा को अपनी फेक प्रोफाइल अश्व डॉट एवी से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। अपना नाम राहुल वर्मा उर्फ आशू बताते हुए खुद को म¨हद्रा कोटक में असिस्टेंट मैनेजर बताया। फेसबुक पर बातों के दौरान ही उसने छात्रा का मोबाइल नंबर ले व्हाट्स एप पर चैटिंग शुरू कर दी थी। उसने युवती को नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद बिजलीघर चौराहे पर बुलाकर बीस हजार रुपये वसूले और १३ सितंबर २०१४ को नौकरी की बात करने के बहाने वाटरव‌र्क्स स्थित श्रीपति गेस्ट हाउस में बुला लिया। यहां कमरे में ले जाकर छात्रा के साथ जबर्दस्ती करने की कोशिश की, लेकिन वह किसी तरह छूटकर चली आई।

यहां शातिर ने किसी तरह छात्रा का फोटो खींच लिया। इसको यू ट्यूब पर डालने की धमकी देने लगा। छात्रा ने उसके नंबर और प्रोफाइल को ब्लॉक कर पीछा छुड़ाना चाहा, तो वह दूसरे नंबरों से फोन करने लगा। परेशान होकर छात्रा ने परिजनों को सारी बात बताई। रविवार रात आरोपी के खिलाफ रकाबगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने यूसुफ को गिरफ्तार कर लिया, इसके बाद उसका असली नाम और रूप सामने आया। इंस्पेक्टर रकाबगंज निर्मल सिंह यादव ने बताया कि मो. यूसुफ को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे जेल भेजा जाएगा।

किसी को लकी तो किसी को बताता था आशू

मो. यूसुफ दूसरे समुदाय की युवतियों को फंसाने के लिए अपने नाम बदलकर फेक फेसबुक प्रोफाइल बनाता था। साइबर सेल की जांच में पाया गया कि उसने राहुल वर्मा, आशू, लकी, अश्व डॉट एवी, बल्देव, सपना उपाध्याय, श्वेतांश आदि नामों से करीब २०-२५  प्रोफाइल बना रखे थे। इन्हीं से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर वह करीब ६० -७०  युवतियों को फंसा चुका है। शातिर की फ्रेंड लिस्ट में लड़कियां ही अधिक हैं, वह भी दूसरे समुदाय की। इससे उसकी करतूत साफ हो रही है।

स्रोत : जागरण

 

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