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‘आतंकियों को मारने के लिए आतंकी बनाने में बुराई क्या’ – मनोहर पर्रिकर, रक्षा मंत्री

‘आतंकियों को मारने के लिए आतंकी बनाने में बुराई क्या’

नई दिल्ली : रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने बहुत बड़ा बयान देते हुए कहा है कि आतंकियों को मारने के लिए आतंकी बनाने में बुराई क्या है। पर्रिकर ने इसके लिए पैसे देकर आतंकी बनाने की वकालत भी की है। रक्षा मंत्री पर्रिकर ने कहा कि आतंकियों को आतंकियों से ही निष्प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विदेशी जमीन से २६/११ जैसे आतंकी हमलों को रोकने के लिए भारत सक्रिय कदम उठाएगा। पाकिस्तान ही नहीं बल्कि कोई भी देश हमारे खिलाफ साजिश रचता है तो हम यही कदम उठाएंगे। एक अन्य टीवी चैनल के कार्यक्रम में पर्रिकर ने कहा कि ‘कांटे से कांटा निकालना होगा’। आतंकियों को निष्प्रभावी बनाने के लिए देश की सेना का इस्तेमाल क्यों किया जाए। इसके लिए दबाव डालने वाले तरीके अपनाए जा सकते हैं। हम आतंकियों द्वारा ही आतंकियों को विफल करेंगे।

उन्होंने कहा कि यहां इससे आगे इस विषय पर चर्चा नहीं की जा सकती। मंत्री के मुताबिक, सबसे बड़ी बात है यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी घटना न हो। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि सेना को घुसपैठ को रोकने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि बंदूक लेकर आने वाले आतंकी को मानवाधिकार पर भाषण नहीं देने दिया जा सकता। गोला-बारूद का उत्पादन बढ़ा सेना में गोला-बारूद की कमी को दूर करने के लिए पिछले साल से इनका उत्पादन १८ फीसद बढ़ा दिया गया है। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने बृहस्पतिवार को बताया कि रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने इसके लिए परियोजनाओं और वित्तीय योजना को सुचारू बनाने का काम किया। नरेंद्र मोदी सरकार के एक साल होने पर एक टीवी चैनल पर कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि हमने इस मामले को प्राथमिकता पर रखा और इस पर अमल किया। इसके परिणामस्वरूप गोला-बारूद के उत्पादन का स्तर बढ़ा। २००५ से ३३९ परियोजनाएं विभिन्न स्तर पर लंबित पड़ी थीं। उन्होंने अवांछित परियोजनाओं को बंद करने का आदेश दिया। विदित हो कि कैग ने अपनी पिछली रिपोर्ट में कहा था कि सेना गोला-बारूद की कमी का सामना कर रही है।

स्त्रोत : जागरण 

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