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शहीद सुखदेव का नाती बोला, ‘गद्दार तो गांधी परिवार है’

जालंधर – शहीद भगत सिंह पर महात्मा गांधी के पडपोते तुषार गांधी की टिप्पणी को लेकर पंजाब के शहीद परिवारों में रोष है। तुषार गांधी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर रविवार शाम शहीद सुखदेव व करतार सिंह सराभा के परिवार जालंधर सर्किट हाउस में जमा हुए।

शहीद सुखदेव के नाती विशाल नैयर ने कहा कि देशद्रोही शहीद भगत सिंह नहीं, बल्कि गांधी परिवार है। देश को नुकसान इन लोगों ने पहुंचाया है, शहीद भगत सिंह ने नहीं। यदि महात्मा गांधी चाहते तो भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव को फांसी से बचा सकते थे।

शहीद भगत सिंह व अन्य क्रांतिकारियों की बदौलत अंग्रेजी हुकूमत के मन में खौफ पैदा हुआ था। असली आजादी इन शहीदों ने दिलाई थी। यदि आजादी की लड़ाई लड़ना देशद्रोह या गद्दारी है तो फिर इस हैसियत से महात्मा गांधी ने भी अंग्रेजों से लड़ाई लड़कर देशद्रोह किया था।

विशाल ने कहा कि सरकार शहीदों व उनके परिवारों की सुध लेना तो दूर, उल्टा नेताओं के इशारे पर उनकी जमीनों व घरों पर कब्जे हो रहे हैं। नैयर ने कहा कि सात साल पहले शहीद भगत सिंह के घर पर कब्जा करने की कोशिश की गई। इसके बाद शहीद सुखदेव के जन्म स्थान पर किसी ने कब्जा कर लिया।

इन शहीदों के घरों की हालत खस्ता हो चुकी है। नई दिल्ली में महात्मा गांधी व गांधी परिवार के समाधि स्थल बनाए गए हैं लेकिन देश के असली हीरो शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, करतार सिंह सराभा व अन्य शहीदों के समाधि स्थल क्यों नहीं बने। करंसी नोट्स पर महात्मा गांधी की ही तस्वीर लगती है दूसरे शहीदों की क्यों नहीं?।

करतार सिंह सराभा की पोती सुखदेव कौर ने कहा कि पुलिस रिकॉर्ड में सराभा व अन्य क्रांतिकारी शहीद आज भी डाकू हैं। सरकार ने एक बार भी पुलिस रिकार्ड को दुरुस्त करने की कोशिश नहीं की। सुखदेव कौर ने कहा कि मलोट के गांव टिबरवाल में उनकी करीब ८ किल्ले जमीन पर दीवार करके कब्जा किया गया है।

कई बार मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से इंसाफ मांग चुकी हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। सराभा परिवार के सदस्य देव सराभा ने कहा शहीद परिवार के प्रति केंद्र व प्रदेश सरकार का रवैया शुरू से ही नकारात्मक रहा है। शहीद के परिवारों ने कहा यदि जल्द ही तुषार गांधी गिरफ्तार नहीं हुआ तो पूरे पंजाब में संघर्ष तेज किया जाएगा।

स्त्रोत : जागरण

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