२. समिति के कुछ स्वयंसेवक काभरे जिले के एक गांव में जाकर अन्न एवं त्रिपाल एवं तंबुओं का वितरण कर लौट रहे थे । मार्ग में ही उन्हें भूकंप का बडा धक्का प्रतीत हुआ । वे उचाई पर थे, इसलिए उन्हें नीचे स्थित गांव के अनेक घर मिट्टी में मिलते हुए एवं सर्वत्र धूल उडती दिखाई दी ।
३. सभी को घर के बाहर खुले स्थान पर, मैदान में, मुख्य मार्ग पर तथा राष्ट्रीय महामार्ग पर आकर रुकने का आवाहन किया जा रहा था ।
४. पशुपतिनाथ में भूकंप पीडितों के लिए शिवसेना नेपाल संगठन द्वारा अस्थायी शिविर खडा किया गया है । समिति के सदस्यों के निवास एवं भोजन की व्यवस्था भी इसी शिविर में की गई है ।ता हरिश्चंद्र जैन के साथ ६ अधिवक्ताओं ने आगरा के न्यायालय में याचिका प्रविष्ट की है ।








