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‘हिंदू लडकियों को मुस्लिम बनाने की साजिश है लव जिहाद’ – जैन मुनि तरुण सागर

जानेमाने जैन मुनि तरुण सागर ने कहा है कि लव जेहाद हिंदू लड़कियों को मुसलमान बनाने का षड्यंत्र है। सरकार इसे पहचाने, नहीं तो एक और पाकिस्तान बन जाएगा। बेटियों को भागकर नहीं, जागकर शादी करनी होगी। यहां पैर के नीचे जब आप चींटी नहीं आने देती हो, तो विधर्मी के घर पकता मांस कैसे देख पाओगी। शादी की खुशी में अपने मां-बाप को शामिल करो।

मेरठ में इन दिनों जैन मुनि तरुण सागर के कड़वे प्रवचन कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने ये बातें उसी कार्यक्रम में कही।

तरुण सागर ने कहा अंडे को शाकाहार बताना षड्यंत्र है। क्योंकि जब अड्डा फेंका जाने लगा तो उसे शाकाहार कहने लगे। जैन मुनि ने उपस्थित श्रद्घालुओं को परिवार और समाज सुधार के कई महत्वपूर्ण सूत्र दिए।

जैन मुनि ने कडवे ढंग से बताई कई अहम बातें

उन्होंने कहा कि चादर छोटी है तो पैर सिकोड़ना सीखो। आज आपके पुण्य की चादर छोटी है पर इच्छाओं के पैर बड़े हैं। मन को वश में रखने की जरूरत है। घर में कई रूम होते हैं, लेकिन कंट्रोल रूम अवश्य होना चाहिए। अगर आपके घर का सदस्य कोई कंट्रोल के बाहर हो जाए तो उसे कंट्रोल रूम में भेज दो।

जैन मुनि ने उदाहरण देकर समझाया कि पुलिस की भाषा है कि स्थिति तनावपूर्ण है, लेकिन कंट्रोल में है। यही हालत परिवार के साथ होती है। स्थिति अगर नियंत्रण के बाहर हो जाए तो कंट्रोल रूम उस समस्या का हल करता है।

जैन मुनि ने कहा विडंबना है कि घर में दहलीज समाप्त हो गई है। जूते रसोई तक पहुंच गए हैं।

किचन और रसोई में अंतर बताते हुए उन्होंने कहा कि जहां रस बरसे वह रसोई है और जहां किच किच होती है वह किचन है। भगवान महावीर स्वामी का संदेश देते हुए कहा कि दिन का बना रात में न खाना और रात का बना भी रात में न खाना। सिर्फ दिन का बना दिन में खाना। पेट का एक हिस्सा अगर खाली रखा तो दवा की आवश्यकता नहीं होगी, जो दबाकर खाता है वह ही दवाखाने जाता है।

जैन मुनि ने शराब और मांस त्यागने को कहा

जैन मुनि कहा अगर दया रखते तो अपना पेट भरने के लिए किसी की गर्दन पर छुरी नहीं चला सकते। शराब छोड़ोगे तो यह लोक सुधर जाएगा और मांसाहार त्यागोगे तो परलोक भी सुधर जाएगा। नदी नाले में डूबकर मरने के बजाए आज लोग शराब के प्याले में डूबकर मर रहे हैं। अंडा घर से बाहर फेंको या आंगन से तुलसी को हटा लो। कार्यक्रम के अंत में तरुण सागर जी लिखित और १४ भाषाओं में अनुवादित पुस्तक तरुण सागर का विमोचन हुआ।

जैन मुनि ने कहा चेहरे की शोभा पाउडर से नहीं मधुर मुस्कान से है। होठों की शोभा लिपिस्टिक से नहीं, मीठी जुबान से है। माताओं और बहनों चाय में चीनी डालना भूल जाओ तो कोई बात नहीं, लेकिन जुबान में मिठास डालना मत भूलना। कड़वा मत बोलो, इस काम के लिए तो मैं ही बहुत हैं। उन्होंने कहा कि बिन मांगे किसी को भी सलाह न दो।

जैन मुनि ने कहा देश को आज एक और क्रांति की जरूरत है। सत्य और अहिंसा की क्रांति से ही देश का उत्थान संभव है।

स्त्रोत : अमर उजाला

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