नई दिल्ली – राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) रुड़की में 2014 में विश्व हिंदू परिषद की रैली में हुए धमाके और बिजनौर में एक मकान में हुए धमाके के मामले की जांच करेगी। दोनों घटनाओं में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सिमी के सदस्यों के शामिल होने का संदेह है।
गृह मंत्रालय को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकारों के अनुरोध प्राप्त हुए हैं, जिनमें कहा गया है कि दोनों मामले एनआईए को सौंप दिए जाएं। उत्तराखंड के रुड़की में ६ दिसंबर २०१४ को हुई रैली में हुए धमाके में 12 साल के बच्चे की मौत हो गई थी।
वहीं, १४ दिसंबर २०१४ को बिजनौर में उस वक्त धमाका हुआ, जब सिमी के संदिग्ध सदस्य IED के साथ रसायन मिला रहे थे। अक्टूबर २०१३ में खंडवा जेल से फरार सिमी के पांच संदिग्ध आतंकवादियों की भूमिका इस मामले में संदेहास्पद मानी जा रही है। इनमें से दो संदिग्ध आतंकवादी इस महीने के शुरू में तेलंगाना में हुई हालिया मुठभेड में मारे गए थे।
स्त्रोत : नवभारत टाइम्स








