वैशाख शुक्लपक्ष चतुर्थी, कलियुग वर्ष ५११७
सर्वत्र के हिन्दुत्वनिष्ठ धर्मांध ओवैसी एवं अबू आजमी को स्पष्ट प्रत्युत्तर देनेवाले शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे का आदर्श लें !

संभाजीनगर (महाराष्ट्र) : पिछले २५ वर्षों से इस संभाजीनगर पर शान से भगवा ध्वज लहरा रहा है आैर आगे भी लहराएगा ! भगवा उतरवाने की उद्दंड भाषा बोली जाती है। यह पाकिस्तान नहीं, हमारा हिन्दुस्थान है। संभाजीनगर का भगवा ध्वज उतरवा सके, एेसा काेर्इ जन्मा नहीं है ? यह ‘औरंगाबाद’ नहीं, ‘संभाजीनगर’ है आैर ‘संभाजीनगर’ ही रहेगा !
शिवसेना पक्षप्रमुख श्री. उद्धव ठाकरे ने ‘भगवा ध्वज उतारो, हरा ध्वज चढाओ’ ऐसी भाषा बोलनेवाले ‘मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन’ के (एम.आई.एम. के) विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी एवं ‘संभाजीनगर’ नाम पर आपत्ति उठानेवाले अबू आजमी को ऐसा सनसना प्रत्युत्तर दिया। (शिवसेनाप्रमुख की शिक्षा में तैयार हुए शिवसेना पक्षप्रमुख श्री. उद्धव ठाकरे ही हिन्दुओंके लिए आशास्थान हैं ! – संपादक, दैनिक सनातन प्रभात)
यहां के सांस्कृतिक मंडल के मैदान में शिवसेना-भाजपा गठबंधन की विशाल सभा संपन्न हुई। श्री. उद्धव ठाकरे इस अवसर पर यह वक्तव्य किया।

श्री. उद्धव ठाकरे ने कहा,
१. क्या चांदतारा, क्या चांदभाई ! क्या इस नगर में नामर्दों की औलाद रहती है ?
२. ध्यान में रखें, यह नगर भगवे तेज से चमकेगा। भगवे तेज से खिलवाड कराेगे, तो जलकर भस्म हो जाओगे !
३. ८ मई १९८८ को संपन्न सफल सभा में शिवसेना प्रमुख ने हरे ‘औरंगाबाद’ को भगवा ‘संभाजीनगर’ बनाया था। ‘औरंगजेब द्वारा किए गए अत्याचार के घावों को हम क्यों सहें ?’, ऐसा प्रश्न करते हुए शिवसेना प्रमुख ने इस नगर का नाम ‘संभाजीनगर’ रखा था। संभाजी राजा द्वारा धर्म के लिए बहाए खून की स्मृति के रूप में यह नाम दिया गया।
४. नाम परिवर्तित करने का प्रकरण न्यायालय में है। उसकी त्रुटियां दूर की जाएंगी। ‘संभाजीनगर’ नाम का विरोध करेंगे, तो ध्यान में रखें कि जिस औरंगजेब का आप नाम लेते हो, उसे मराठों ने इसी भूमि में गाड दिया है !
५. औरंगजेब की स्मृति है; इसलिए नगर के नाम में परिवर्तन न करने देनेवालो, औरंगजेब आपका कौन लगता है ? देहली छोडकर वह हिन्दवी स्वराज्य को डूबोने के लिए दक्षिण में आया। कितने मंदिर गिराए ? कितने अत्याचार किए ? मराठों ने उसे इसी मिट्टी में गाड दिया। उसकी कब्र पर नमन करनेवालों के मन में कौन से विचार होंगे ? कोई मार्ग में आया तो उसे उलट-पलटकर रख देंगे। शिवसेनाप्रमुख द्वारा तैयार की गई यह व्याघ्रसेना है, इसमें विष घोलकर माथा न भडकाआे, विकास की बातें कराे !
६. जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान का ध्वज लहराना हमें स्वीकार नहीं ! शत्रुराष्ट्र का ध्वज लहराने की हिम्मत कैसे हाेती है ? यहां रहकर पाकिस्तान का गुणगान किया जाए, इसे बिलकुल सहन नहीं किया जाएगा।
स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात








