बेरुत – सीरिया से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें महिलाओं के जिहादी जत्थे को क्लाशनिकोव चलाने का प्रशिक्षण लेते हुए दिखाया गया है। पांच मिनट के इस वीडियो को उत्तरी सीरिया में सेंट सिमोन चर्च के बाहर फिल्माया गया है।
वीडियो को पहले हिस्से में काला बुर्का पहने महिलाओं को सीरिया में घूमते हुए दिखाया गया है। हाथों में एके ४७ रायफल लिए महिलाएं अल्लाहू अकबर कहती हुई देखती जा सकती हैं।
अरबी भाषा में बात कर रही महिलाओं के निशानेबाजी के प्रशिक्षण लेने की क्िलप वीडियो में दिखाई गई है। वीडियो में महिलाएं कह रही हैं कि हथियार उठाने का उनका पहला मकसद अपनी सुरक्षा करना है।
इन महिलाओं में से एक कहती है हम ४५ महिलाएं अल शाम से यहां आई हैं। हम अपनी जमीन की रक्षा करने जा रहे हैं। हमें शरिया और धार्मिक अध्ययन के साथ ही हथियार चलाने व उन्हें बनाने का प्रशिक्षण मिला है।
स्त्रोत : नई दुनिया









in my view he was equal ant to to-days Arvind kezari. somebody sacrificed, he took the name in the end of struggle.