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काशी विश्‍वनाथ की मुक्ति जरूरी : योगी आदित्यनाथ

फाल्गुन कृष्ण पक्ष अष्टमी, कलियुग वर्ष ५११६

वाराणसी : विहिंप के हिन्दू सम्मेलन में धर्माचार्यों ने काशी विश्वनाथ मंदिर की मुक्ति और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की प्रतिबद्धता दुहराई। विहिंप के स्वर्ण जयंती वर्ष का अंतिम हिन्दू सम्मेलन रविवार को भारत माता मंदिर परिसर में हुआ। इस दौरान बीजेपी के सांसद महंत आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ मंदिर का मुद्दा उठाकर माहौल गरमाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि लाखों हिन्दू जब बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए जाते हैं, तो ज्ञानवापी मस्जिद मुंह चिढ़ाती है।

ज्ञानवापी में नंदी और गौरी-गणेश कैद हैं, जिन्हें हर हाल में मुक्त कराना होगा। उन्होंने कहा कि अगर ज्ञानवापी मस्जिद में गौरी-गणेश रखना शास्त्र सम्मत है, तो हर मस्जिद में ऐसा करने की छूट हिन्दुओं को मिलनी चाहिए। शंकराचार्य नरेन्द्रानंद सरस्वती ने कहा कि सोमनाथ की तर्ज पर कानून बनाकर मंदिरों का निर्माण किया जाए।

सतुआ बाबा आश्रम के पीठाधीश्वर संतोष दास और पातालपुरी पीठ के महंत बालक दास ने मुठ्ठी भर विरोधी ताकतों को जवाब देने के लिए 95 करोड़ हिन्दुओं की एकजुटता पर जोर दिया। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक अशोक सिंहल ने मंदिर और अन्य मुद्दों से हटकर काशी को फिर से वेद भूमि के रूप में स्थापित करने पर जोर दिया।

हमें पाठ न पढ़ाएं

हिन्दू सम्मेलन में योगी ने कहा कि ओबामा को भारत की नहीं, अमेरिका की चिंता करनी चाहिए जहां सबसे ज्यादा नस्ली भेदभाव और हमले होते रहे हैं। सनातन धर्म को बदनाम करने की इस तरह की साजिश रुकनी चाहिए। सदियों से सहनशील रहने वाले हिन्दू ही भारत में ईसाइयों और मुस्लिमों की रक्षा करते आए हैं। योगी ने पूछा कि दुनिया में बर्बरता का रेकॉर्ड बनाने वाले आईएस की गतिविधियों पर मुस्लिम धर्मगुरू चुप क्यों हैं?

एक हाथ में माला-दूसरे में भाला

शंकराचार्य नरेन्द्रानंद ने कहा कि अब सबक सिखाने का समय आ चुका है। आतंकवादियों समेत देशद्रोहियों को जेल में रखने की बजाए चौराहों पर खुलेआम सजा दी जाए। दुश्मनों को ६ इंच छोटा करने से गुरेज न हो। संतों से कहा कि जरूरत पड़ने पर एक हाथ में माला और दूसरे में भाला लेने को तैयार रहें।

सामने आया हिंदू पर्सलन लॉ बोर्ड

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तर्ज पर हिन्दू पर्सनल लॉ बोर्ड के गठन किया गया है। बोर्ड को भारत सरकार के प्राधिकृत न्यास अधिनियम के अंतर्गत निबंधन मान्यता मिलने का दावा किया गा है। बोर्ड के अध्यक्ष बने डॉ. अशोक कुमार सिंह के मुताबिक हिन्दू-सनातनी धर्म के प्रति लोगों को जागरुक करने तथा विश्व में फैले हिन्दू सनातनी समाज को एक मत-मंच व एक नियमों के तहत लाने को इसका गठन किया गया है। इसकी कार्यकारिणी में श्रीलंका, मलयेशिया, नेपाल, भूटान, सिंगापुर और चीन के प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं।

हालांकि वीएचपी के प्रांतीय संगठन मंत्री मनोज श्रीवास्तव ने बोर्ड का वीएचपी से संबंध होने से इनकार किया है।

स्त्रोत: नवभारत टाईम्स

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