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उठी महाराष्ट्र को शराब मुक्त करने की आवाज

माघ शुक्ल पक्ष अष्टमी, कलियुग वर्ष ५११६

maha_alco_banमुंबई: चंद्रपुर जिले को शराब मुक्त जिला घोषित करने के बाद पूरे महाराष्ट्र को शराब मुक्त घोषित करने की आवाज बुलंद होने लगी है। सरकार के निर्णय का विरोधी पक्ष ने भी स्वागत किया है। विदर्भ से ताल्लुक रखने वाले कांग्रेस नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री नितिन राऊत ने मांग की है कि BJP सरकार जब गुजरात पैटर्न को अपना रही है तो गुजरात की तरह ही महाराष्ट्र को भी शराब मुक्त घोषित करे।

राज्य मंत्रिमंडल ने मंगलवार को चंद्रपुर जिले को शराब मुक्त घोषित करने का निर्णय लिया। जिले में ५१५ शराब के लाइसेंस का नवीनीकरण ३१ मार्च के बाद नहीं किया जाएगा। सरकार चंद्रपुर से पहले गडचिरोली और वर्धा जिले को शराब मुक्त जिला घोषित कर चुकी है। यानी अब इन तीनों जिलों में शराब पीना, बेचना और रखना अपराध होगा। सरकार के निर्णय से करीब २०० करोड़ रुपये का नुकसान होगा।

रंग लाई मुनगंटीवार की कोशिश

चंद्रपुर जिले को शराब मुक्त जिला बनाने के लिए वित्त मंत्री मुनगंटीवार कई सालों से प्रयास कर रहे थे। इस विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपने मतदाताओं से वादा किया था कि जब तक चंद्रपुर को शराब मुक्त जिला घोषित नहीं किया जाता तब तक वे अपने नए सरकारी बंगले में नहीं जाएंगे। मंगलवार को मंत्रिमंडल में पाबंदी लगाने की घोषणा के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि चंद्रपुर जिले को शराब मुक्त करने की मांग कई सालों से की जा रही थी। उस जिले का प्रत्येक परिवार महीने में कम से कम १०,००० रुपये की शराब पी जाता है। शराब के कारण तरह-तरह की होने वाली बीमारियों पर वहां के लोग करीब ७०० करोड़ रुपये खर्च कर देते हैं।

मुनगंटीवार के अनुसार, चंद्रपुर के अलावा गडचिरोली और वर्धा में शराब पीने, बेचने और रखने पर पूरी तरह से मनाही होगी। पाबंदी पर निगरानी रखने के लिए एक IPS रैंक के अधिकारी की नियुक्ति होगी और ४४ नए पद सृजित किए जाएंगे ताकि शराब बंदी कानून को कड़ाई से लागू किया जा सके।

स्त्रोत: नवभारत टाईम्स

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