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बंगाली महिलाओं को संघ परिवार दे रहा हिन्दू संस्कार

माघ कृष्ण पक्ष एकादशी, कलियुग वर्ष ५११६

गुजरात और महाराष्ट्र की तुलना में बंगाल में हिन्दू परंपरा और संस्कृति को भुलाया जा रहा है, जिसे बदलने की कोशिश की जा रही है – महुआ धर

कोलकाता : नव विवाहिता मौसुमी आचार्य (परिवर्तित) उत्तरी कोलकाता स्थित एक अपार्टमें में हर सप्ताह एक दर्जन अन्य महिलाओं के साथ व्याख्यायन सुनने जाती हैं, जिसका विषय होता है परंपरागत हिन्दू पद्धति से बच्चों को कैसे बड़ा किया जाए।

ये सभी महिलाएं घंटों एक साथ बैठकर लव जिहाद अभियान और महिलाओं के विरुद्ध हिंसा जैसे विषयों पर भी चर्चा करती है। उल्लेखनीय है कि पूरे पश्चिम बंगाल में सैकड़ों महिलाएं संघ परिवार से जुड़े एक संगठन राष्ट्र सेविका समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शरीक होती है।

इस संगठन का गठन १९६८ में किया गया था। समिति की एक प्रतिनिधि महुआ धर का कहना है क हम युवा महिलाओं से जो न केवल परिवार की एंकर है बल्कि संभावित मां भी हैं। चर्चा करते हैं कि। महुआधर के अनुसार कोलकाता सहित विभिन्न जिलों में धीरे धीरे महिला समूह गठित किये जा रहे हैं। धर का कहना है कि गुजरात और महाराष्ट्र की तुलना में बंगाल में हिन्दू परंपरा और संस्कृति को भुलाया जा रहा है, जिसे बदलने की कोशिश की जा रही है। उधर विश्लेषकों का कहना है कि बहु संख्यक एजेंडे को प्रोत्साहित करने के काम में पिछले ६ माह में तेजी आई है जब भाजपा ने एक के बाद एक राज्यों पर परचम फहराना आरंभ किया।

स्त्रोत : लोकतेज

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