
रत्नागिरी – जिले के प्रसिद्ध तीर्थक्षेत्र स्थित गणपतिपुले के श्रीदेव गणपति मंदिर में आगामी १ जनवरी २०२७ से भक्तों के लिए वस्त्रसंहिता (ड्रेस कोड) अनिवार्य की जाएगी । मंदिर की पवित्रता, परंपरा एवं संस्कृति बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिए जाने की जानकारी ‘संस्थान श्रीदेव गणपतिपुले’ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री. नीलेश कोल्हटकर ने दी ।
Ganpatipule Temple Dress Code| गणपतीमुळे मंदिरात 1 जानेवारी 2027 पासून भाविकांसाठी वस्त्र संहिता नियमावलीची काटेकोरपणे अंमलबजावणी करण्यात येणार आहे. ड्रेसकोड संदर्भातील निर्देश पाळण्याबाबत मंदिराकडून आवाहन करण्यात आले आहे. | NDTV Marathi
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अध्यक्ष श्री. कोल्हटकर ने कहा कि,
१. पिछले वर्ष ही मंदिर में इस वस्त्रसंहिता का प्राथमिक रूप से कार्यान्वयन शुरू किया गया था । उस समय कुछ भक्तों ने जानकारी न होने की बात कहकर असंतोष व्यक्त किया था । भक्तों की इस कठिनाई को ध्यान में रखते हुए तथा उनमें कोई गलतफहमी न रहे ; इसलिए पिछले कुछ महीनों से जनजागृति अभियान चलाया जा रहा था । अब इस अभियान के पश्चात आगामी १ जनवरी २०२७ से नियमों का कडाई से कार्यान्वयन किया जाएगा ।
२. नई नियमावली के अनुसार मंदिर में आते समय घुटने से ऊपर वाले छोटे कपड़े, शॉर्ट्स या स्कर्ट पहनकर आने वाले भक्तों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा । यह नियम महिलाओं तथा पुरुषों दोनों पर समान रूप से लागू होगा । १० वर्ष से कम आयु के छोटे बच्चों को इस नियम से छूट दी गई है । घुटने से नीचे आने वाले स्कर्ट अथवा शॉर्ट्स पहनने वाले भक्तों को दर्शन से नहीं रोका जाएगा ।
३. छोटे बच्चों द्वारा छोटे कपडे पहनने पर वह अनुचित नहीं लगता ; किंतु समझदार व्यक्तियों द्वारा मंदिर में ऐसे कपडे पहनकर आना शोभनीय नहीं लगता । मंदिर की पवित्रता एवं हमारी प्राचीन संस्कृति-परंपरा की रक्षा करना, यह प्रत्येक का कर्तव्य होने के कारण भक्तों को मंदिर में प्रवेश करते समय उचित वेशभूषा पहननी चाहिए तथा सहयोग करना चाहिए।
४. गणपतिपुले में प्रतिवर्ष लगभग २५ लाख भक्त दर्शन के लिए आते हैं । मंदिर में प्रतिदिन औसतन १ हजार भक्त उपस्थित रहते हैं, जबकि संकष्टी तथा विनायकी चतुर्थी के दिन यह आंकडा पांच गुना बढ जाता है । दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए देवस्थान की ओर से अन्नछत्र तथा निवास व्यवस्था की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराई गई है ।
स्रोत : हिंदी सनातन प्रभात








