१०९ साक्ष्यों का दावा

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) – यहां स्थित ‘ताजमहल’ ‘तेजोमहालय’ है, यह निश्चित करने हेतु इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की गई है । यह याचिका ‘भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान’ के पक्ष से अधिवक्ता पू. हरि शंकर जैन तथा रंजना अग्निहोत्री सहित ५ व्यक्तियों ने प्रस्तुत की है । अधिवक्ता पू. हरि शंकर जैन वाराणसी के ज्ञानवापी प्रकरण में भी हिन्दुओं के पक्ष से न्यायालयीन संघर्ष कर रहे हैं ।

१. इस याचिका में याचिकाकर्ताओं ने ‘ताजमहल’ को भगवान शिव को समर्पित ‘तेजोमहालय’ होने के १०९ हिन्दू साक्ष्य/प्रतीक भी प्रस्तुत किए हैं । इस याचिका द्वारा आगरा के जिला न्यायालय के प्राचीन आदेश को चुनौती दी गई है । उस आदेश में ताजमहल के हिन्दू प्रतीकों के सत्यापन हेतु सर्वेक्षण करने से अस्वीकार कर दिया गया था ।
“109 Hindu features in Taj Mahal prove it is Lord Shiva’s Tejo Mahalaya.”
– Petition in Allahabad HC
— News Arena India (@NewsArenaIndia) July 4, 2026
२. यह प्रकरण वर्ष २०१५ में आरंभ हुआ था । उस समय आगरा के दीवानी न्यायालय में एक दीवानी वाद प्रस्तुत किया गया था । उसके द्वारा यह प्रतिपादित किया गया था कि ताजमहल परिसर वास्तव में तेजोमहालय, अर्थात तेजोलिंग महादेव मंदिर है, जहां भगवान महादेव नागनाथेश्वर विराजमान हैं । साथ ही हिन्दुओं को ताजमहल में पूजा करने की अनुमति प्रदान करने की भी मांग की गई थी ।
३. इसके पश्चात पुनः वर्ष २०१९ में याचिकाकर्ताओं ने आवेदन प्रस्तुत कर ताजमहल का निरीक्षण करने तथा उसकी संरचना के छायाचित्र लेने एवं चलचित्र (वीडियो) निर्माण हेतु एक ‘अधिवक्ता आयुक्त’ की नियुक्ति करने की मांग की थी । तथापि, याचिकाकर्ता ताजमहल की पहचान स्थापित करने वाले राजस्व अभिलेख (रेवेन्यू रिकॉर्ड्स) प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे, यह कहते हुए न्यायालय ने वह मांग अस्वीकार कर दी थी ।
स्रोत : हिंदी सनातन प्रभात








