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गोवा में ‘लव जिहाद विरोधी कानून’ तत्काल लागू किया जाए – सकल हिंदू समाज की मांग

सालगांव में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का मामला

सालगांव पुलिस थाने और विधायक केदार नाईक को ज्ञापन

विधायक केदार नाईक को ज्ञापन सौंपते हुए श्रीमती राजश्री गडकरी, श्रीमती प्रीति रिवणकर तथा श्रीमती शुभा सावंत

पर्वरी – सालगांव में 15 वर्षीय एक हिंदू लड़की को जुल्फकार नामक दूसरे राज्य के एक धर्मांध युवक ने सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क कर प्रेमजाल में फंसाया, उसके साथ यौन उत्पीड़न किया और बाद में उसका धर्मांतरण कराने की योजना बनाई थी, ऐसा सामने आया है। इस मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में चल रही है। इस प्रकरण को लेकर सकल हिंदू समाज की ओर से सालगांव पुलिस थाने में ज्ञापन दिया गया है। साथ ही सालगांव के विधायक केदार नाईक को भी ज्ञापन सौंपकर गोवा में तत्काल ‘लव जिहाद विरोधी कानून’ लागू करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि इस माध्यम से हम देश और गोवा में तेजी से बढ़ रहे तथाकथित ‘लव जिहाद’ के मामलों की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इससे पहले भी हमने इसी विषय पर ज्ञापन देकर सरकार को इस समस्या की गंभीरता से अवगत कराया था; किंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर उनका धर्मांतरण करने तथा विरोध करने पर उनकी निर्मम हत्या करने जैसी घटनाएं देशभर में लगातार सामने आ रही हैं।

श्रद्धा वालकर, साक्षी और अनुराधा जैसी युवतियों पर हुए अत्याचार और उनकी हत्याओं ने पूरे देश को झकझोर दिया है। गोवा में भी पिछले कुछ वर्षों में नाबालिग लड़कियों के साथ अत्याचार, अपहरण और जबरन निकाह के मामलों में वृद्धि हुई है। वर्ष 2024 में गोवा में बलात्कार के 106 मामले दर्ज किए गए, जो राज्य की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि अब यह समस्या केवल ग्रामीण या व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं रही, बल्कि शिक्षित और पेशेवर क्षेत्रों तक भी पहुंच गई है। नासिक स्थित Tata Consultancy Services (TCS) में कथित “कॉरपोरेट जिहाद” का मामला भी हाल ही में चर्चा में आया है। दो दिन पहले सालगांव में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए उत्पीड़न की घटना सामने आने से स्थानीय नागरिकों में भय और आक्रोश का वातावरण है।

ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि प्रतिबंधित संगठन Popular Front of India द्वारा गैर-धर्मांध लड़कियों को फंसाने के लिए आर्थिक प्रलोभनों की व्यवस्था किए जाने के आरोप पूर्व में सामने आए थे। साथ ही, विभिन्न न्यायिक और सरकारी समितियों द्वारा धर्मांतरण संबंधी मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कड़े कानूनों की आवश्यकता बताई गई थी।

ज्ञापन की प्रमुख मांगें

1. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों की तर्ज पर गोवा में भी तत्काल ‘लव जिहाद विरोधी’ तथा कठोर धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया जाए।

2. ऐसे मामलों की जांच और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए पुलिस की एक विशेष शाखा स्थापित की जाए।

3. गोवा में इस प्रकार की गतिविधियों के अन्य संभावित नेटवर्क या कड़ियों की गहन जांच कर उन्हें समाप्त करने के लिए गृह विभाग पुलिस को आवश्यक निर्देश दे।

4. महिलाओं और लड़कियों के लापता होने के पीछे किसी अंतरराज्यीय षड्यंत्र या विदेशी वित्तीय सहायता की जांच हेतु गृह विभाग एक स्वतंत्र जांच समिति गठित करे।

ज्ञापन में कहा गया है कि गोवा की शांति, संस्कृति और भावी पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए ऐसा कानून अत्यंत आवश्यक है तथा सरकार को इस विषय पर शीघ्र कदम उठाने चाहिए।

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