
सातारा – राज्य में युवतियां, महिलाए तथा छोटे बच्चों पर अत्याचार की अत्यंत भयावह घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पुणे जिले के नसरापूर क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। इसी प्रकार चाकण क्षेत्र में भी एक छोटे बच्चे के साथ अप्राकृतिक कृत्य कर उसकी हत्या किए जाने की घटना सामने आई है। इन घटनाओं से पूरे समाज में भय, असुरक्षा और तीव्र आक्रोश का वातावरण बना हुआ है।
ऐसे गंभीर अपराधों के बाद प्रशासन की ओर से ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाया जाएगा’ या ‘कठोर दंड दिया जाएगा’ जैसी घोषणाएं की जाती हैं; लेकिन वास्तव में न्याय प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रहती है। इससे अपराधियों में कानून का भय उत्पन्न नहीं होता। छत्रपति शिवाजी महाराज के काल में कानून और व्यवस्था अत्यंत कठोर एवं प्रभावी थी। महिलाओं पर अत्याचार करने वालों को तुरंत कठोर दंड देकर समाज में कानून का भय स्थापित किया जाता था। वर्तमान परिस्थिति में भी शासन अपराधियों को कठोर दंड दे, ऐसी मांग श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्थान की ओर से मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री को ज्ञापन के माध्यम से की गई। उपजिल्हाधिकारी नागेश पाटील ने ज्ञापन स्वीकार किया।
इस अवसर पर श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्थान के तालुका प्रमुख शिवराज तलवार, प्रशांत जाधव, हिंदू जनजागृति समिति की सौ. भक्ती डाफळे, हेमंत सोनवणे, ‘धर्मसेतू सेवा संस्थान’ की गीतांजली गोंधळेकर, समर्थभक्त शहाजीबुवा रामदासी, अखिल भारतीय हिंदू महासभा के उमेश गांधी, हिंदू विधिज्ञ परिषद के अधिवक्ता गुरुराज रसाळ, विश्व हिंदू परिषद के राजीव दीक्षित, हिंदू राष्ट्र गोशाला के गोसेवक, महाराष्ट्र मंदिर महासंघ तथा विभिन्न हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।








