पेठ (आंबेगांव) में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन

पुणे – धर्मशिक्षा और प्रशिक्षण लेकर स्वसंरक्षण के लिए तैयार रहना आवश्यक है। महिलाओं को राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए सज्ज होना चाहिए। पाश्चात्य संस्कृति का अंधानुकरण छोडकर अपनी महान हिन्दू संस्कृति का पालन करते हुए साधना करनी चाहिए। समाज में विभिन्न प्रकार के खतरे सक्रिय हैं और संकट हमारे द्वार तक पहुंच चुका है, इसलिए हमें सजग और तैयार रहना चाहिए। ऐसे विचार हिन्दू जनजागृति समिति की रणरागिनी शाखा की कु. क्रांति पेटकर ने व्यक्त किए।
वे पेठ (आंबेगांव) में सकल हिन्दू समाज की ओर से आयोजित हिन्दू सम्मेलन में बोल रही थीं। यह सम्मेलन सायंकाल 6 से रात 9 बजे तक आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण और कार्यक्रम की विशेषताएं
इस सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, सनातन संस्था, हिन्दू जनजागृति समिति, वारकरी संप्रदाय, स्वामी समर्थ संप्रदाय और इस्कॉन जैसी संस्थाओं ने सहभाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम प्रदक्षिणा से हुई तथा इस्कॉन की ओर से नामसंकीर्तन किया गया। इसके बाद गोमाता का पूजन और अथर्वशीर्ष का पाठ किया गया। कार्यक्रम का संचालन ह.भ.प. अमित महाराज कातळे ने किया।
अन्य वक्ताओं का मार्गदर्शन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पुणे जिला उपसंपर्क प्रमुख श्री अनिल चोधें (सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी) ने धर्मांतरित लोगों को पुनः स्वधर्म में लाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने सैन्य सेवा काल के श्रीलंका के अनुभव भी साझा किए।
ह.भ.प. कीर्तनकार बाजीराव महाराज बांगर ने छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन के कुछ कम ज्ञात प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों से छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों का अनुसरण करने का आह्वान किया।








