प्रशासन की कार्यप्रणाली पर हिंदू संगठनों में रोष

चिपळूण – यहां के नारायण तलाव परिसर में 30 जनवरी 2026 को मुसलमानों ने नमाज पढ़ी थी। इसके विरोध में हिंदुत्वनिष्ठों ने नगर परिषद को निवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। सार्वजनिक स्थान पर नमाज पढ़ने जैसे संवेदनशील विषय पर 16 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने शिकायत दर्ज नहीं की। इस गंभीर विषय पर हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों के प्रतिनिधियों ने नगर परिषद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से लगातार पाठपुरावा किया, फिर भी साधारण अपराध भी दर्ज नहीं किया गया।
(यदि यही घटना मुसलमानों के संदर्भ में हुई होती, तो क्या पुलिस शांत बैठती? अब तक हिंदुओं पर मामला दर्ज कर गिरफ्तारी शुरू कर दी गई होती! – संपादक)
अत्यधिक देरी होने के कारण 16 फरवरी को हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों के प्रतिनिधियों ने नगर परिषद प्रशासन से जवाब मांगा, तो प्रशासन ने देरी का कारण पुलिस पर डाल दिया। उस समय हिंदुत्वनिष्ठों ने अधिकारियों को चिपळूण पुलिस थाने के अधिकारी से बात करने को कहा। तब पुलिस ने बताया कि शिकायत के लिए पत्र गुरुवार, 12 फरवरी को नगर परिषद को दिया गया था। इसके बाद मुख्याधिकारी उस पत्र की खोज करते दिखाई दिए, जिससे प्रतिनिधियों में संताप फैल गया।
समाज में इतनी तीव्र प्रतिक्रिया होने के बावजूद “नगर परिषद द्वारा शिकायत न करना हिंदुओं की भावनाओं को तुच्छ समझने का प्रयास है”, ऐसा प्रतिनिधियों ने कहा।
नगर परिषद उद्यान विभाग के उत्तरदायी कर्मचारी श्री बापू साडविलकर को साथ लेकर हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों के प्रतिनिधियों ने 16 फरवरी को स्वयं उपस्थित रहकर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने का पाठपुरावा किया।
इस समय नगरसेवक निहार कोवळे ने मुख्याधिकारी से प्रशासन की विलंबकारी कार्यप्रणाली के बारे में पूछा — “क्या इसमें किसी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है?”, यह प्रश्न भी उन्होंने उठाया।
पुलिस ने भी नगर परिषद अधिकारी को अपना पत्र सीधे देने के बजाय केवल ‘इनवर्ड’ किया, जिससे शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया और लंबी हो गई। पुलिस प्रशासन की इस असंवेदनशीलता को लेकर चिपळूण शहर के हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों में तीव्र नाराज़गी व्यक्त की जा रही है।
शिकायत दर्ज कराने और उसके लिए पाठपुरावा करने के दौरान शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्थान के श्री अजिंक्य ओतारी, सकल हिंदु समाज संगठन के श्री राजेश ओतारी, गोरक्षक श्री विक्रम जोशी, युवा सेना के उपतालुका प्रमुख श्री आदित्य जोशी, शिवसेना गुहागर विधानसभा निरीक्षक श्री अनुराग उतेकर, हिंदु जनजागृति समिति के डॉ. हेमंत चाळके, हिंदु राष्ट्र समन्वय समिति के श्री अमित जोशी, प्रशांत उतेकर, संदीप खरे आदि उपस्थित थे।
3 फरवरी
महाराष्ट्र: चिपळूण के नारायण तालाब परिसर में मुसलमानों ने नमाज पढी !
हिन्दुत्वनिष्ठों द्वारा ज्ञापन दिए जाने पर नगराध्यक्ष उमेश सकपाळ ने संबंधित लोगों पर अपराध पंजीकृत करने का दिया आश्वासन

चिपळूण – चिपळूण नगर परिषद की कार्यकक्षा में स्थित यहां के नारायण तालाब के परिसर में ३० जनवरी की सायंकाल को मुसलमानों ने नमाज पढी । उस समय वहां उपस्थित नागरिकों ने उन्हें ‘यह एक सार्वजनिक स्थान होने के कारण आप यहां नमाज न पढें’, ऐसा बोलकर उन्होंने उसकी अनदेखी की । इस घटना का संज्ञान लेकर २ फरवरी को चिपळूण के समस्त हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने एकत्रित होकर नगराध्यक्ष श्री. उमेश सकपाळ को संबंधित व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई करने के संबंध में ज्ञापन सौंपा । तब नगराध्यक्ष श्री. उमेश सकपाळ ने ‘इसकी पूरी जानकारी लेकर ऐसा करनेवालों पर नगरपरिषद की ओर से अपराध पंजीकृत करने के लिए हम सर्वाेपरी प्रयास करेंगे’, ऐसा आश्वासन दिया ।

ज्ञापन सौंपने के समय पार्षद निहार कोवळे, गोरक्षक विक्रम जोशी, समस्त हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के सर्वश्री मंदार लेले, अजिंक्य ओतारी, अंकुश आवले, गणेश आगरे, डॉ. हेमंत चाळके, शिल्पा इनामदार, सुप्रिया शिंदे, सारिका भावे तथा अन्य हिन्दुत्वनिष्ठ उपस्थित थे ।
१. नारायण तालाब इस नगरपरिषद के सार्वजनिक स्थान पर धार्मिक कृति करना अपराध है, तब भी वहां जानबूझकर नमाज पढी गई है । नमाज पढने के लिए यहां आए मुसलमान उसके लिए सभी आवश्यक सामग्री साथ लेकर आए थे । हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों की ओर से यह बताया गया कि ऐसा कर चिपळूण शहर में धार्मिक तनाव उत्पन्न कर शहर का सामाजिक सौहार्द बिगाडने का यह षड्यंत्र है ।
२. क्या वहां नगरपरिषद का कोई पहरेदार (वॉचमन) था ? उसने उन्हें क्यों नहीं रोका ? यह घटना गंभीर है; इसलिए संबंधित कर्मचारी की जांच की जाए, यह मांग भी की गई ।
३. इस ज्ञापन के माध्यम से तथा प्रत्यक्षरूप से भी नगरपरिषद प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों को यह चेतावनी दी गई कि घटित घटना के लिए नगरपरिषद प्रशासन भी उत्तरदायी है; इसलिए इस संदर्भ में नगरपरिषद प्रशासन नमाज पढनेवालों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई होने के लिए तुरंत शिकायत दें, अन्यथा हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन अांदोलन चलाएंगे तथा उससे कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होती है, तो उसके लिए नगरपरिषद प्रशासन उत्तरदायी होगा ।
४. उसके उपरांत हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने इस संबंध में चिपळूण के पुलिस निरीक्षक मेंगडे से भेंट कर इस प्रकरण में अपराध पंजीकृत करने की मांग की ।
५. इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लेकर चिपळूण शहर के धर्मप्रेमी हिन्दू बडी संख्या में नगरपरिषद में उपस्थित रहे तथा उन्होंने इस घटना को कडा विरोध जताया ।
संपादकीय भूमिका
- पहले सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का पहनकर बच्चों को घूमने ले जाना, उसके उपरांत उस स्थान पर गुब्बारे बेचने जैसा व्यवसाय करना तथा उसके कुछ दिन उपरांत उस स्थान पर नमाज पढकर उस स्थान को हडपना; इस मुसलमानों की मानसिकता को प्रशासन कब पहचानेगा ? अथवा ‘धर्मनिरपेक्षता’ के नाम पर ऐसा ही चलता रहेगा ?
- आज कुछ महिलाएं एवं पुरुषों ने नमाज पढी तथा उस पर कोई कार्रवाई न होने से आगे जाकर सहस्रों लोगों ने यहां आकर नमाज पढी, तो उसमें आश्चर्य कैसा !
- ‘सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढकर नागरिकों को बाधा पहुंचाने पर कार्रवाई कीजिए’, ऐसा प्रशासन को बताना ही क्यों पडता है ? प्रशासन इसके विरोध में स्वयं कार्रवाई कब करेगा ?
सन्दर्भ : सनातन प्रभात








