ग्रामवासियों के संगठित विरोध का परिणाम

कोतवडे : यहां ग्रामदेवी श्री महालक्ष्मीदेवी के स्वयंभू एवं जागृत देवस्थान के निकट शुरु किए गए ‘हलाल चिकन सेंटर’ को बंद करने की मांग ग्रामवासियों ने ग्रामपंचायत के समक्ष रखी थी। 6 जनवरी के दिन ग्रामवासियों ने सरपंच संतोष बारगोडे से भेंट कर उन्हें ज्ञापन सौंपा था। गांव के कुछ नागरिकों ने व्यक्तिगत रूप से भी ग्रामपंचायत को दुकान बंद करने हेतु पत्र भेजे थे।
सरपंच संतोष बारगोडे ने इस विषय में सकारात्मक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया था। उसी अनुसार कार्यवाही होने के कारण मंदिर के पास स्थित ‘हलाल चिकन सेंटर’ बंद कर दिया गया है।
इस विषय में ग्रामवासियों ने ग्रामपंचायत का आभार व्यक्त किया तथा श्री महालक्ष्मीदेवी के चरणों में कृतज्ञता प्रकट की।
श्री महालक्ष्मी माता पूरे गांव की श्रद्धा का केंद्र हैं। ग्रामदेवी का स्थान और मंदिर की पवित्रता किसी भी प्रकार के विवाद या राजनीति से निश्चित रूप से श्रेष्ठ है। ग्रामवासियों ने ग्रामपंचायत को दिए गए निवेदन में यह मांग रखी थी कि “ग्रामवासियों की श्रद्धा का विचार करते हुए ग्रामपंचायत को इस चिकन सेंटर को अनुमति नहीं देनी चाहिए, तथा मंदिर के पास ‘हलाल चिकन सेंटर’ नहीं होना चाहिए।”
इस निवेदन के बारे में गांव के कुछ युवकों ने अलग-अलग बाडियों में जाकर जानकारी दी थी। अनेक ग्रामवासियों ने इस निवेदन पर हस्ताक्षर किए थे।
मंदिर के पास मद्य, मांस आदि क्यों नहीं होना चाहिए?
क्या खाना है और क्या नहीं – यह व्यक्ति का निजी विषय है। फिर भी, मंदिर परिसर में मांस या मद्य की बिक्री को निषिद्ध माना जाता है। इसका कारण यह है कि मंदिर में भक्त पवित्र भावना से आते हैं। संबंधित देवता का तत्त्व अधिक कार्यरत होने के कारण मंदिर व उसके आसपास सात्त्विकता अधिक होती है।
मद्य अथवा मांस तमोगुणी होने से मंदिर की सात्त्विकता पर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए मंदिर हो या देवघर—धर्मशास्त्र के अनुसार वहां शुचिर्भूत होकर जाना चाहिए।
7 जनवरी
कोतवडे (रत्नागिरी) में ग्रामदेवी श्री महालक्ष्मी मंदिर के पास ‘हलाल चिकन सेंटर’ के विरोध में एकजुट हुए ग्रामवासी
चिकन सेंटर हटाने के लिए हस्ताक्षर अभियान, गांव के युवाओं ने संभाली जनजागरण की कमान

कोतवडे : स्वयंभू एवं जागृत देवस्थान ग्रामदेवी श्री महालक्ष्मी मंदिर की पवित्रता बनाए रखने को लेकर कोतवडे के समस्त ग्रामवासी सदैव सजग रहते हैं। इसी के बीच मंदिर के निकट 1 जनवरी 2026 से ‘आहिल हलाल चिकन सेंटर’ शुरू किए जाने से ग्रामवासियों में तीव्र रोष व्याप्त है। ग्रामवासियों की मांग है कि मंदिर परिसर के पास चल रहा चिकन सेंटर तत्काल हटाया जाए।
इस संदर्भ में 6 जनवरी को ग्रामवासियों ने सरपंच संतोष बारगोडे से भेंट कर उन्हें औपचारिक निवेदन सौंपा। इस अवसर पर संदीप गोताड, सुरज पालये, गिरीश नाचणकर, आशिष धुंदूर, महेश वझे, प्रीतम नाचणकर सहित अनेक ग्रामवासी उपस्थित थे। गांव की विभिन्न वाडियों के प्रमुखों और नागरिकों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर निवेदन पर समर्थन दर्ज कराया।

मंदिर के निकट मांस बेचना ग्रामीणों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास
ग्रामदेवी श्री महालक्ष्मी माता पूरे गांव की श्रद्धा का केंद्र हैं; मंदिर की पवित्रता के लिए ग्रामवासी शुचिता का पालन करते हैं।
मद्यपान या मांसाहार के बाद मंदिर में प्रवेश से परहेज किया जाता है। श्रावण मास में समस्त ग्रामवासी मद्य-मांस त्यागकर भक्ति-भाव से नामसप्ताह मनाते हैं। ऐसे में मंदिर के समीप मांसविक्री की अनुमति देना ग्रामवासियों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने जैसा है।
ग्रामदेवी का स्थान और मंदिर की पवित्रता किसी भी विवाद या राजनीति से ऊपर है; अतः पंचायत को इस चिकन सेंटर को अनुमति नहीं देनी चाहिए और भविष्य में भी मंदिर के पास मद्य-मांस जैसे निषिद्ध कार्यों की अनुमति न दी जाए।
नोटिस जारी की जाएगी – सरपंच
सरपंच संतोष बारगोडे ने बताया कि, गाला मालिक या चिकन सेंटर संचालक ने किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली है। इसलिए ग्रामपंचायत की ओर से नोटिस भेजी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि, मंदिर के पास मांसविक्री नहीं होनी चाहिए, यह उनकी भी भूमिका है।
विशेष
- जागरूक ग्रामवासियों ने प्रत्येक घर जाकर नागरिकों से भेट की, विषय की गंभीरता समझाई और हस्ताक्षर जुटाए।
- सनगरेवाडी में महिलाओं की मासिक बैठक में निवेदन पढकर सुनाया गया; उपस्थित सभी महिलाओं ने हस्ताक्षर किए।
- गांव के युवाओं ने आगे बढकर जनजागृति की। नौकरी से लौटने के बाद रात में घर-घर जाकर जानकारी दी और समर्थन जुटाया।








