आरोपी अल्लाबक्ष सय्यदाबडे पर सख्त कार्यवाही की मांग को लेकर ‘रणरागिणी’ शाखा ने फोंडा के डिप्टी कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

पणजी : बारदेज तालुका में स्कूल लाने-ले जाने वाले एक निजी वाहन के चालक, अल्लाबख्श सय्यदाबडे द्वारा 6 साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न का शर्मनाक मामला सामने आया है। हिंदू जनजागृति समिति की ‘रणरागिणी’ शाखा ने इस अमानवीय घटना की कडे शब्दों में निंदा की है।
शाखा की कार्यकर्ताओं ने फोंडा के डिप्टी कलेक्टर कौशिक आमोणकर को एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने मांग की कि सरकार आरोपी को ऐसी कठोर सजा दे, जिससे भविष्य में कोई भी ऐसा घृणित कार्य करने का साहस न कर सके। साथ ही, सरकार पीड़ित परिवार को उचित न्याय दिलाने के साथ-साथ उन्हें हर संभव मानसिक संबल (सपोर्ट) प्रदान करे।
ज्ञापन के मुख्य बिंदु:
सुरक्षा पर सवाल: इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि ‘क्या आज स्कूल जाने वाले बच्चे सुरक्षित हैं?’
लचर कार्रवाई: रणरागिणी शाखा ने कहा कि उन्होंने पहले भी कई बार यौन उत्पीड़न के मामलों पर सरकार के सामने आवाज उठाई है, लेकिन इन मामलों का अंततः क्या होता है, यह अभी भी एक प्रश्नचिह्न है।
सजग रहने की अपील: निवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि हिंदू युवतियों पर ‘लव जिहाद’ का भी संकट मंडरा रहा है, जहाँ उन्हें प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरण के लिए मजबूर किया जाता है। श्रद्धा वालकर जैसे उदाहरण इसकी गवाही देते हैं।
सतर्कता की आवश्यकता: संस्था ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे मामलों के प्रति अत्यधिक सतर्क रहें, क्योंकि वर्तमान समय की यही मांग है।








