
पुणे – आज महिला सशक्तीकरण हो रहा है और महिलाएं व युवतियां विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़कर सक्रिय भूमिका निभाती दिखाई दे रही हैं। सशक्तीकरण के साथ-साथ महिलाओं को धर्माचरण भी करना चाहिए। महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों को देखते हुए आज की युवतियों को आत्मरक्षा की कला भी सीखनी चाहिए, ऐसा प्रतिपादन रणरागिणी शाखा की कु. क्रांति पेटकर ने किया। वे सोरतापवाड़ी (पुणे) में हाल ही में सौ. आश्लेषा चोरघे की ‘नृत्य आविष्कार डांस अकॅडमी’ द्वारा आयोजित ‘डांस फेस्टिवल – 2025’ में बोल रही थीं। इस कार्यक्रम में ‘नुपूर झंकार अकॅडमी’ की सौ. रूपाली जोशी तथा ‘सारेगमप’ की विजेता कार्तिकी गायकवाड उपस्थित थीं।
कार्यक्रम की शुरुआत नटराज की मूर्ति के पूजन से हुई। अकॅडमी के वार्षिक सम्मेलन के अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा नृत्य प्रस्तुतियाँ दी गईं और उन्हें स्मृतिचिह्न एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।








