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मंदिरों की भूमि पर सभी प्रकार के शुल्क समाप्त करने की मंदिर महासंघ की मांग

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को निवेदन सौंपते हुए श्री सुनील घनवट

महाराष्ट्र मंदिर महासंघ की ओर से राज्य के सभी मंदिरों की भूमि पर लगने वाले मुद्रांक शुल्क, पंजीयन शुल्क और अन्य कर पूरी तरह से माफ किए जाने तथा मंदिरों की भूमि को भूमि माफिया से बचाने के लिए ‘एंटी लैंड ग्रैबिंग’ कानून लागू करने की माँग आज मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष रखी गई।

साथ ही, महाराष्ट्र के लगभग 10 जिलों में भी मंदिर महासंघ की ओर से मंदिर ट्रस्टियों द्वारा इस विषय में संबंधित जिलाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा पालकमंत्रियों को ज्ञापन सौंपे गए हैं।

महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक श्री सुनील घनवट और हिन्दू जनजागृति समिति के श्री अभिजीत पोलके ने मुख्यमंत्री को यह निवेदन सौंपा। मुख्यमंत्री ने दोनों माँगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए संबंधित सचिवों को आगे की कार्यवाही के लिए निर्देशित किया। साथ ही ‘एंटी लैंड ग्रैबिंग’ कानून का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया शासन स्तर पर प्रारंभ की जा चुकी है ऐसी जानकारी प्राप्त हुई है ।

श्री सुनील घनवट ने कहा, “मंदिर किसी भी व्यावसायिक उद्देश्य के बिना सामाजिक और धार्मिक कार्य करते हैं। अनेक श्रद्धालु भक्त मंदिरों को भूमि दान में देते हैं। समाजहित से जुड़ी आवश्यक जरूरतों के लिए मंदिरों को भूमि खरीदनी भी पड़ती है। ऐसी भूमि के हस्तांतरण पर वर्तमान में लगाए जाने वाले स्टांप शुल्क, पंजीकरण शुल्क तथा अन्य सभी प्रकार के शुल्क या कर पूरी तरह से माफ किए जाने चाहिए। इससे पहले भूमि हस्तांतरण के कुछ मामलों में शर्तों के साथ स्टांप शुल्क में आंशिक छूट दी गई है, लेकिन वह अत्यंत सीमित है। इसलिए इस मांग पर सकारात्मक विचार करते हुए महाराष्ट्र स्टांप अधिनियम तथा सार्वजनिक न्यास व्यवस्था अधिनियम, नियम 1950 जैसे संबंधित कानूनों में आवश्यक संशोधन किए जाने चाहिए।”

राज्य में विविध स्थानों पर इस विषय में दिए गए ज्ञापन

राज्यभर में समर्थन जुटाने के प्रयास के तहत, लगभग दस जिलों के मंदिर न्यासियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जिला कलेक्टर, मंत्री तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को समान प्रकार के ज्ञापन सौंपे हैं।

अकोला

अकोला में निवासी जिल्हाधिकारी को निवेदन सौंपते हुए महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के प्रतिनिधि

यवतमाल

यवतमाल के अपर जिला अधिकारी अनिरुद्ध बक्षी को ज्ञापन सौंपते हुए मंदिर ट्रस्टी एवं महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के प्रतिनिधि

रत्नागिरी

रत्नागिरी में अतिरिक्त जिल्हाधिकारी श्री भाऊसाहेब गलांडे को निवेदन सौंपते हुए मंदिर ट्रस्टीगण।

कोल्हापुर

निवासी उपजिल्हाधिकारी गजानन गुरव (मध्यभागी) को ज्ञापन सौंपते हुए मंदिर महासंघ के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और हिंदुत्वनिष्ठ

रत्नागिरी

मांग करते हुए महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के प्रतिनिधि
रत्नागिरी में अतिरिक्त जिल्हाधिकारी भाऊसाहेब गलांडे को ज्ञापन सौंपते हुए महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के प्रतिनिधि

मंचर (पुणे)

मंचर में ज्ञापन सौंपते हुए (बाएँ से) गणेश काजळे, एकनाथ वाघ, सहायक उपविभागीय अधिकारी सचिन मुंडे, मार्तंड डेरे, आकाश वाघ, काजल वाघ

सांगली

आटपाडी में निवासी नायब तहसीलदार डी. एस. पुकळे (बैठे हुए) को ज्ञापन सौंपते हुए विभिन्न मंदिरों के विश्वस्त और प्रतिनिधि

विटा (सांगली)

विटा में नायब तहसीलदार हजारे को ज्ञापन सौंपते हुए विभिन्न मंदिरों के विश्वस्त

सिंधुदुर्ग

सावंतवाड़ी में नायब तहसीलदार रविंद्र निपाणीकर को ज्ञापन सौंपते हुए मंदिरों के विश्वस्त, महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के सदस्य और हिंदुत्वनिष्ठ

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