महाराष्ट्र के 20 जिलों की 160 संगठनों की मांग

‘लव जिहाद’ के बढ़ते प्रकरणों को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र के 20 जिलों की 160 से अधिक हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों ने राज्य सरकार से इस शीतकालीन सत्र में कठोर ‘लव जिहाद विरोधी कानून’ लागू करने की मांग की है। राज्यव्यापी इस अभियान में 1600 से अधिक कार्यकर्ताओं एवं हिंदुत्वनिष्ठ नागरिकों ने भाग लेकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश और राजस्थान की तर्ज़ पर महाराष्ट्र में भी सख्त प्रावधान किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। ऐसी जानकारी हिंदू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ राज्य संगठक श्री सुनील घनवट ने दी है ।
मुंबई, जलगांव, धुले, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, अहिल्यानगर, अकोला, अमरावती, चंद्रपुर, नागपुर, सातारा, पुणे, सोलापुर, नासिक, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग सहित 20 जिलों में हजारों महिलाओं और नागरिकों ने रैलियाँ, सभाएँ तथा ज्ञापन अभियान आयोजित किए। इन ज्ञापनों के माध्यम से जिला एवं तालुका प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और गृह विभाग को विस्तृत निवेदन सौंपे गए।
निवेदन में कई गंभीर घटनाओं का उल्लेख किया गया है, जिनमें नगर में सातवीं कक्षा की छात्रा के साथ सामूहिक अत्याचार, कोल्हापुर–इचलकरंजी में छह वर्षीय बालिका पर दुष्कर्म, शाहुवाडी में 14 वर्षीय बालिका के साथ बलात्कार, तथा श्रद्धा वालकर, रूपाली चंदनशिवे और तनुश्री शर्मा की हत्याएँ शामिल हैं। संगठनों का कहना है कि ये घटनाएँ केवल व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि सुनियोजित और संगठित षड्यंत्र का हिस्सा हैं।
उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, असम और उत्तराखंड जैसे राज्यों में जबरन धर्मांतरण और छलपूर्वक विवाह को रोकने के लिए पहले ही कड़े कानून लागू किए जा चुके हैं।
इन उदाहरणों के अनुरूप, महाराष्ट्र में भी संगठनों ने निम्न प्रावधानों वाले कठोर कानून की मांग की है :
- गंभीर अपराधों के लिए आजीवन कारावास तक की सज़ा का प्रावधान हो।
- अपराध दख़लपात्र एवं अजमानतीय घोषित हों।
- शिकायत करने का अधिकार पीड़िता के साथ किसी भी नागरिक को दिया जाए।
- विशेष पुलिस शाखा तथा ‘रणरागिनी’ पथक की स्थापना की जाए।
उसमें दोषों को आजीवन कारावास तक की सज़ा, अपराध दख़लपात्र एवं अजमानतीय, शिकायत करने का अधिकार पीड़िता सहित किसी भी नागरिक को, विशेष पुलिस शाखा तथा ‘रणरागिनी’ पथक की स्थापना की मांग की है ।
इस आंदोलन के संयोजक श्री सुनील घनवट ने कहा कि यह केवल कानून की मांग नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की बेटियों की सुरक्षा का प्रश्न है। यदि अन्य राज्यों में ऐसे कानून से प्रभावी परिणाम मिले हैं, तो महाराष्ट्र में भी शीघ्र ही इसे लागू किया जाना चाहिए।
जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विधायकों-मंत्रियों से लव जिहाद व एंटी लैंड ग्रैबिंग कानून के लिए आश्वासन
लव जिहाद विरोधी कानून और एंटी लैंड ग्रैबिंग (नियंत्रण) कानून के संदर्भ में राज्यभर के कई माननीय मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधियों को निवेदन दिए गए। मंत्री गुलाबराव पाटिल, विधायक अमोल जावले, सुरेश भोले, अनुप अग्रवाल, प्रवीण दटके, कृष्णाजी खोपड़े, पालकमंत्री जयकुमार गोरे, विजयकुमार देशमुख, सुभाष देशमुख, देवेंद्र कोठे, किशोर जोरगेवार, करण देवतळे, देवराव भोंगळे, सुधीर मुनगंटीवार, विक्रमसिंह पाचपुते तथा सांसद अनुप धोत्रे ने इन विषयों पर गंभीरता दिखाते हुए ठोस कार्यवाही का आश्वासन दिया। कई जनप्रतिनिधियों ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाने व मुख्यमंत्री को पत्र भेजने की बात कही। सभी ने मिलकर इन दोनों आवश्यक कानूनों के निर्माण हेतु सकारात्मक समर्थन व्यक्त किया।





चिपळूण में हिन्दू जनजागृति समिति की आंदोलन के माध्यम से मांग

चिपळूण शहर के खेडेकर क्रीडा संकुल के सामने १० दिसंबर को शाम ५ बजे यह लक्ष्यवेधी आंदोलन हुआ । इस आंदोलन में विभिन्न संगठन, संप्रदाय और सामान्य हिन्दू महिला तथा युवतियों की बडी उपस्थिति थी । इस समय महिला प्रतिनिधियों ने ‘लव जिहाद विरोधी कानून’ बनाने में महाराष्ट्र शासन विलंब न करे और उसे जल्द से जल्द बनाए’, ऐसी मांग तीव्रता से की ।










