-
रणरागिणियों ने पुलिस अधीक्षक से की मांग
-
पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई शुरू करने की दी जानकारी

पणजी – गोवा की लडकियों से १ रूपए में बात करने की सुविधा देनेवाले और गोवा की छवि खराब करनेवाले ‘ऐप’ पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए, यह मांग हिन्दू जनजागृति समिति की ‘रणरागिणी’ शाखा की ओर से उत्तर गोवा के पुलिस अधीक्षक हरीश मडकईकर से की गई है । इस दौरान रणरागिणी के प्रतिनिधिमंडल में श्रीमती राजश्री गडेकर, श्रीमती शुभा सावंत, श्रीमती मोहना नाईक, श्रीमती रसिका दळवी और श्रीमती मानसी चोडणकर सम्मिलित थीं ।
इस ‘ऐप’ के विज्ञापन में कहा गया है कि, ‘नया ‘ऐप’ डाउनलोड करें और केवल १ रुपया देकर ‘हॉट’ और ‘तीखी’ लडकियों से बात करें ।’ इस ऐप के कारण गोवा की लडकियों और महिलाओं की छवि को ठेस पहुंची है । इससे सार्वजनिक रूप से अश्लीलता को बढावा दिया जा रहा है । युवाओं को बिगाडा जा रहा है । यह घटना नैतिक रूप से गंभीर है । इससे गोवा की लडकियों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए संकट उत्पन्न हो गया है । यह परशुराम भूमि को भोगभूमि बनाने का एक षड्यंत्र है । सरकार गोवा की ‘सन, सी एंड सैंड’ (समुद्र तट) की पहचान बदलकर उसे आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनाने के लिए कार्यरत है, ऐसे में इसप्रकार के ऐप का प्रसार होना; यानी सरकार के प्रयासों में बाधा डालने जैसा है ।
उत्तर गोवा के पुलिस अधीक्षक हरीश मडकईकर ने रणरागिणी के प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी है कि उन्होंने इसपर उचित कार्रवाई शुरू कर दी है ।








