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तीर्थस्थल हों मद्य-मांसमुक्त; धर्मांतरण रोकने के लिए कठोर कानूनों की मांग : वारकरी महाअधिवेशन में गर्जना

वारकरी महाअधिवेशन में दीप प्रज्वलन करते हुए संत–महंत और सम्मानित अतिथिगण!

आलंदी (पुणे): महाराष्ट्र के सभी तीर्थस्थलों को मद्य और मांसमुक्त किया जाना चाहिए और मंदिर परिसरों में अन्य धर्मों के प्रचार पर प्रतिबंध लगाने के लिए कठोर कानून बनाना चाहिए, ऐसी प्रमुख मांगों के साथ 19वें भव्य वारकरी महाअधिवेशन में महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। ‘वारी आलंदी की, राष्ट्र और धर्मरक्षा की’ इस नारे के तहत राज्यभर से एक हजार से अधिक वारकरी और हिंदुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता इस अधिवेशन में सहभागी हुए।

यह अधिवेशन हिंदू जनजागृति समिति, राष्ट्रीय वारकरी परिषद और अन्य संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में यहाँ सद्गुरु श्री गंगागिरी महाराज मठ में कार्तिक वद्य एकादशी के अवसर पर आयोजित किया गया था। ‘वारकऱ्य की श्रद्धास्थलों, देवताओं और संतों पर हो रहे आघात’ के गंभीर विषय पर चिंतन करने के लिए राज्यभर के संत और वारकरी एकत्रित हुए।

व्यासपीठ पर उपस्थित मान्यवर

इस अवसर पर प.पू. रामगिरी महाराज ने कहा कि रामायण के उदाहरणों को विकृत करके आदिवासियों का धर्मांतरण करने वाले ईसाई मिशनरियों की साजिश को नकारा जाना चाहिए। सद्गुरु गंगागिरी महाराज ने 200 वर्ष पहले चार वर्णों के हिंदुओं को एकजुट करने का महान कार्य किया था। यदि हम भी अपने क्षेत्रों में ऐसा कार्य करें तो धर्मांतरण को रोका जा सकता है।

ह.भ.प. जनार्दन महाराज मेटे ने कहा कि संत-महंतों का एकजुट होकर संदेश देने का परंपरा ज्ञानेश्वर माऊली के काल से चली आ रही है; लेकिन आज आलंदी में स्वास्थ्य और शिक्षा का महत्व बताते हुए ईसाई मिशनरी हिंदुओं का धर्मांतरण कर रहे हैं, इसे रोकना होगा।

हिंदू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र राज्य संगठक श्री सुनील घनवट ने कहा कि जादूटोना कानून के प्रचार के लिए गठित ‘जादूटोना विरोधी कानून की जनजागृति, प्रचार एवं प्रसार समिति’ को तत्काल भंग किया जाना चाहिए क्योंकि यह देव-धर्म की आलोचना करती है। साथ ही नास्तिक और अर्बन नक्सलवादी विचारधारा के कुछ लोग पंढरी की वारी में लोगो का बुद्धीभेद कर रहे हैं, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदुत्ववादी सरकार द्वारा दिए गए वादों को लागू कराने के लिए सभी संत-महंतों को नागपुर के आगामी शीतकालीन अधिवेशन में सरकार से चर्चा हेतु एक साथ आना चाहिए।

रणरागिणी शाखा की कु. क्रांति पेटकर ने लव जिहाद की भयावह सच्चाई बताते हुए कानून बनाने की मांग की। ह.भ.प. अक्षय महाराज भोसलें ने तीर्थस्थलों को मद्य-मांसमुक्त करने एवं इंद्रायणी नदी की जल शुद्धि के लिए शासन पर दबाव बनाने का आश्वासन दिया।

अधिवेशन में पारित हुए प्रमुख प्रस्ताव: महाराष्ट्र के सभी तीर्थस्थलों को मद्य-मांसमुक्त कर उनके पवित्रता की रक्षा करें और मंदिर परिसरों में अन्य धर्मों के प्रचार पर प्रतिबंध लगाएं। हिंदू युवतियों की सुरक्षा हेतु राज्य में ‘लव जिहाद विरोधी कानून’ तुरंत बनाएं। हिंदू मंदिरों और भूमि को प्रभावित करने वाले ‘वक्फ कानून’ को तत्काल समाप्त करें। इंद्रायणी और चंद्रभागा नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने हेतु स्थायी उपाय करें। राज्य में गोहत्या प्रतिबंध के कड़े पालन को सुनिश्चित करें। पंढरी वारी में नास्तिक और अर्बन नक्सलवादी तत्वों द्वारा फैलाई जा रही मानसिक असहमति को बंद करें।

इस अधिवेशन में दंडी स्वामी अमृताश्रमानंद महाराज, ह.भ.प. प्रकाश महाराज जवंजाल, ह.भ.प. दत्तात्रय चोरघे महाराज, संत तुकाराम महाराज पालखी सोहळा समिति, ह.भ.प. निरंजन शास्त्री कोठेकर महाराज, कै. मामासाहेब दांडेकर स्मृति प्रतिष्ठान, ह.भ.प. बापू महाराज रावकार, ह.भ.प. संग्राम बापू भंडारे सहित अनेक प्रमुख संत-महंत व प्रतिनिधि उपस्थित थे।


19वां वारकरी महाअधिवेशन : हिन्दू धर्म से संबंधित विविध मांगे उठाएगी राष्ट्रीय वारकरी परिषद और हिन्दू जनजागृति समिति

आळंदी (देवाची) में 15 नवंबर को होगा 19वां वारकरी महाअधिवेशन

संत वाङ्मय और साहित्य पर आक्रमण करने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए! – ह.भ.प. मारुतीशास्त्री तुणतुणे महाराज, अध्यक्ष, राष्ट्रीय वारकरी परिषद

बाएं से कु. क्रांति पेटकर, ह.भ.प. रामचंद्र पेनोरे महाराज, ह.भ.प. तुणतुणे महाराज, श्री नागेश जोशी, ह.भ.प. दत्तात्रय चोरघे महाराज, ह.भ.प. बापू महाराज रावकर

पुणे : अनादिकाल से हिंदू धर्म का अस्तित्व है। उसकी निंदा, अपमान या विकृतीकरण न हो, इसके लिए संत वाङ्मय और साहित्य पर हमला करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। हिंदू धर्म की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए; इसलिए धर्म पर आक्रमण करने वालों पर सरकार को प्रतिबंधात्मक उपाय लागू करने चाहिए। यह मांग राष्ट्रीय वारकरी परिषद के अध्यक्ष ह.भ.प. मारुतीशास्त्री तुणतुणे महाराज ने की।

15 नवंबर को 19वें वारकरी महाअधिवेशन का आयोजन आळंदी (देवाची) स्थित सद्गुरु श्री गंगागिरी महाराज मठ में किया गया है। इसी संबंध में जानकारी देने हेतु श्रमिक पत्रकार भवन में पत्रकार परिषद आयोजित की गई थी। तुणतुणे महाराज इसी अवसर पर बोल रहे थे।

पत्रकार परिषद में हिंदू जनजागृति समिति के श्री नागेश जोशी, रणरागिणी शाखा की कु. क्रांति पेटकर, राष्ट्रीय वारकरी परिषद के ह.भ.प. बापू महाराज रावकर, ह.भ.प. रामचंद्र पेनोरे महाराज, ह.भ.प. चोरघे महाराज आदि मान्यवर उपस्थित थे।

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