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आदर्श पीढी की निर्मिति के लिए धर्म के संदर्भ में जनजागृति करनी होगी – सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळे

दिल्ली में वेदांत सत्य सनातन संस्कृति न्यास की चौथी वर्षगांठ मनाई गई

दिल्ली : वेदांत सत्य सनातन संस्कृति न्यास के चौथी वर्षगांठ का समारोह १७ अगस्त को दिल्ली के रोहिणी में शिव महाकालेश्वर मंदिर के सभागृह में आयोजित किया गया था । इस अवसर पर हिन्दू जनजागृति समिति (एच. जे. एस.) के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळे ने उपस्थितों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम अपने त्योहार तो तिथियों के अनुसार मनाते हैं, परंतु अपना जन्मदिन अंग्रेजी तिथियों के अनुसार मनाते हैं । हमें इसे बदलने की आवश्यकता है । देश में वृद्धाश्रमों और अनाथालयों की संख्या प्रतिदिन बढती ही जा रही है । इसका अर्थ है कि हमारा देश पतन की दिशा में जा रहा है । इसलिए हमें लोगों को धर्म के प्रति जागरूक करना होगा । इससे एक आदर्श पीढी का निर्माण होगा और इसके फलस्वरूप भारत को वृद्धाश्रमों, अनाथालयों और अदालतों की आवश्यकता नहीं होगी ।’’ उन्होंने आगे कहा, “हिन्दू धर्म पिछडा है । ऐसा कहकर युवा पीढी को गुमराह किया जा रहा है और मानसिक रूप से पश्चिमीकरण किया जा रहा है । उन्हें हिन्दुओं के विरोध में भडकाया जा रहा है । झूठे ‘कथन’ (नैरेटिव) में फांसा जा रहा है कि आपके देश में कुछ भी नहीं है ।’’

वेदांत सत्य सनातन संस्कृति न्यास (ट्रस्ट), सनातन संस्कृति को बढावा देता है, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों का समर्थन करता है और जीवनोपयोगी वस्तुओं में मिलावट के विरोध में काम करता है । इस ट्रस्ट के संस्थापक श्री दयानंद सिलवाल हैं । श्री. चक्रधारी ने स्वसुरक्षा पर सभा का मार्गदर्शन किया । इस कार्यक्रम में कार्यकारी समिति के श्री. सुधीर जैश्वर, श्री. राजेंद्र गोयनका, श्री. ईश्वर दास, श्री. हरेंद्र कुमार, श्री. यशपाल शर्मा, श्री. कैलाश पंतरी सहित अनेक जिज्ञासु उपस्थित थे ।

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