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कर्नाटक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-नियम लागू करें – हिन्दू जनजागृति समिति

राज्य शिक्षा नीति-नियमों के माध्यम से कर्नाटक सरकार द्वारा मुसलमानों का तुष्टिकरण – श्री. मोहन गौडा, कर्नाटक राज्य प्रवक्ता, हिन्दू जनजागृति समिति

बेंगलुरु (कर्नाटक) – कर्नाटक सरकार द्वारा हाल ही में घोषित की गई राज्य शिक्षा नीति मुसलमानों के लिए अनुकूल है, जबकि अन्यों के लिए अन्यायपूर्ण है । हिन्दू जनजागृति समिति ने इस तुष्टीकरणयुक्त राज्य शिक्षा नीति को वापस लेकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने की मांग की है ।

राज्य शिक्षा नीति में अल्प आय (आमदनी) वाले मुसलमान विद्यार्थियों को विशेष आर्थिक सहायता एवं ग्रामीण मुसलमान लडकियों को प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव है, वह हिन्दू समाज की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय है । निर्धनता केवल मुसलमान समाज तक ही मर्यादित नहीं है । हिन्दुओं में भी अनेक निर्धन परिवार, साथ ही पिछडे वर्ग एवं ग्रामीण लडकियां शिक्षा के लिए संघर्ष कर रही हैं । दूसरों को समान आर्थिक सहायता न देते हुए केवल मुसलमान विद्यार्थियों को प्राथमिकता देना अर्थात धार्मिक तुष्टीकरण एवं वोट बैंक की राजनीति है, ऐसा स्पष्ट मत हिन्दू जनजागृति समिति के कर्नाटक राज्य प्रवक्ता मोहन गौडा ने व्यक्त किया।

श्री. गौडा आगे बोले, ‘‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-नियमों की उपेक्षा कर और स्वतंत्र राज्य शिक्षा नीति तैयार कर राज्य सरकार केवल मुसलमान समुदाय को विशेष लाभ दे रही है । यह समानता के अधिकार के संवैधानिक सिद्धांत का उल्लंघन है । राज्य सरकार को धर्म, जाति अथवा पंथ के आधार पर कोई भी भेदभाव न करते हुए सभी निर्धन विद्यार्थियों को समान आर्थिक सहायता देनी चाहिए । इस अवसर पर श्री. गौडा ने चेतावनी भी दी है कि ऐसा न करने पर हिन्दू समुदाय इस अन्याय के विरुद्ध राज्यव्यापी आंदोलन आरंभ करेगा ।

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