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छत्रपति संभाजीनगर में महाराष्ट्र मंदिर महासंघ का मंदिर-न्यास मराठवाडा विभागीय अधिवेशन

विश्वस्त संगठित होने पर ही मंदिरों पर आक्रमण रुकेंगे ! – श्री १००८ महामंडलेश्वर योगेशानंद गिरीजी महाराज

बाईं ओर से श्री दिलीप देशमुख, दीप प्रज्वलन करते हुए पूज्य यशवंत शिवनगिरीकर महाराज, सद्गुरु नंदकुमार जाधव, श्री १००८ महामंडलेश्वर योगेशानंद गिरीजी महाराज, श्री सुनील घनवट, न्यायाधीश प्रल्हाद शिंदे

छत्रपति संभाजीनगर – “धर्म के लिए सभी के संगठित होने से अधर्म समाप्त होता है, यह आर्य चाणक्य ने धनानंद को समाप्त कर दिखाया था । हमारा धर्म बचेगा, तभी हम बचेंगे । देव, देश, मंदिर और धर्म पर हो रहे आक्रमणों के प्रति हिन्दुओं को जागृत होना चाहिए । सभी मंदिर विश्वस्त संगठित होने पर मंदिरों पर आक्रमण रुकेंगे । समय रहते जागृत हों, अन्यथा यह स्थान छोडकर जाना पडेगा”, ऐसा प्रतिपादन श्री १००८ महामंडलेश्वर योगेशानंद गिरीजी महाराज ने किया । वे अधिवेशन के प्रथम सत्र में बोल रहे थे ।

श्री काशी विश्वनाथ बाबा संस्थान, दत्त मंदिर, बीड बायपास, श्री पावन गणेश मंदिर, दीवान, देवड़ी, सोमठाणा स्थित श्री रेणुकामाता मंदिर, हिन्दू जनजागृति समिति और महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में छत्रपति संभाजीनगर में महाराष्ट्र मंदिर न्यास मराठवाडा विभागीय अधिवेशन संपन्न हुआ । श्री काशी विश्वनाथ बाबा संस्थान, दत्त मंदिर, बीड बायपास में २० जुलाई को संपन्न हुए अधिवेशन का शुभारंभ सनातन संस्था के धर्मप्रचारक सद्गुरु नंदकुमार जाधव, श्री १००८ महामंडलेश्वर योगेशानंद गिरीजी महाराज, पूज्य यशवंत शिवनगिरीकर महाराज, पूर्व सहायक धर्मादाय आयुक्त श्री दिलीप देशमुख, हिन्दू जनजागृति के महाराष्ट्र और छत्तीसगढ राज्य संगठक श्री सुनील घनवट, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश श्री प्रल्हाद शिंदे के हाथों दीप प्रज्वलन से हुआ । इसके बाद सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले द्वारा दिए गए संदेश का वाचन श्री रामेश्वर भुकन ने किया। उपस्थित लोगों का स्वागत सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश श्री प्रल्हाद शिंदे ने किया, जबकि अधिवेशन की प्रस्तावना हिन्दू जनजागृति समिति के उत्तर महाराष्ट्र संगठक श्री प्रशांत जुवेकर ने प्रस्तुत की । सूत्रसंचालन कु. श्रुति शिरसाठ ने किया और श्रीमती रोहिणी जोशी ने आभार व्यक्त करते हुए कृतज्ञता ज्ञापित की।

इस अधिवेशन में परभणी, नांदेड, जालना, जलगांव और छत्रपति संभाजीनगर के विभिन्न मंदिरों के १८० से अधिक विश्वस्त और प्रतिनिधि उपस्थित थे। इस अवसर पर सेवानिवृत्त सहायक धर्मादाय आयुक्त श्री दिलीप देशमुख ने न्यास पंजीकरण, साथ ही मंदिरों की समस्याओं के संबंध में मार्गदर्शन किया, जबकि सनातन के अधिवक्ता पूज्य सुरेश कुलकर्णी ने तुळजाभवानी देवस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ कानूनी लडाई के बारे में मार्गदर्शन किया । दोपहर के सत्र में मंदिर विश्वस्तों को मंदिरों की भूमि से संबंधित आने वाली समस्याओं पर एक परिसंवाद आयोजित किया गया । समापन सत्र में मंदिर महासंघ के कार्य की अगली दिशा कैसी होनी चाहिए, इस पर मार्गदर्शन किया गया। समापन सत्र में महंत नारायण नंदगिरी महाराज, श्री श्यामकुमार जैसवाल, श्री प्रमोद नरवाडे, कु. प्रतीक्षा कोरगावकर, कु. प्रियंका लोणे ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया । अंत में कई लोगों ने अपने मनोगत व्यक्त किए ।

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