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पंढरपुर में वारकरी महाअधिवेशन के लिए लगभग २ सहस्र वारकरी एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिती !

देव, देश तथा धर्म के विरोध में षड्यंत्र करने वालों पर कठोर कार्रवार्ई की जाए ! – महंत गुरुवर्य प.पू. रामगिरी महाराज

महंत गुरुवर्य प.पू. रामगिरी महाराज (बीच में), गणमान्य व्यक्तियों के साथ, पंढरपुर वारकरी महाधिवेशन में दीप प्रज्वलित करते हुए!

पंढरपुर – आषाढी वारी के समय वारी में पुणे में वारकरियों पर मांस फेंकने की घटना हुई । वारी में विविध संघटनाओं की घुसपैठ चालू है । एक कार्यक्रम में सत्य बोलने के बाद हमें धमकियां दी गईं, हमारे पुतलों को जलाया गया । कोई न कोई लगातार देव, देश और धर्म पर आघात कर रहा है । इसके पीछे कौन है, इसका जानकारी लेकर उनके विरुद्ध कार्रवार्ई की जानी चाहिए । हमारी आँखों के सामने अन्याय एवं अत्याचार हो रहे हैं तथा हम मौन रहें, यह उचित नहीं । ‘एक गाल पर प्रहार हो, तो दूसरा गाल प्रस्तुत करें’, यह नीति हमारी संस्कृति में कभी नहीं रही । वह हम पर थोपी गई है । सत्य, धर्म एवं न्याय के लिए प्राण भी जाए तो चलेगा, किंतु हमें सदैव धर्म के पक्ष में खडा रहना चाहिए – ऐसा आह्वान महंत गुरुवर्य प.पू. रामगिरी महाराज ने किया ।

वारकरियों की विविध समस्याओं के समाधान हेतु सद्गुरु श्री गंगागिरी महाराज मठ की ओर से ०६ जुलाई को यह वारकरी महाअधिवेशन आयोजित किया गया था । उस अधिवेशन की अध्यक्षता से महाराजजी बोल रहे थे । इस अधिवेशन में लगभग २ सहस्र वारकरी एवं हिन्दू श्रद्धालु उपस्थित थे । अधिवेशन में विविध संत, महंत एवं मान्यवरों के तेजस्वी मार्गदर्शन के उपरांत ‘संविधान दिंडी’ के नाम पर अंनिस, पुरो (अधो) गामी और साम्यवादी तत्वों की घुसपैठ वारकरियों को मान्य नहीं है तथा आगे यदि वे हिन्दू धर्म की निंदा करेंगे, तो ‘जैसे को तैसा’ उत्तर दिया जाएगा – ऐसी चेतावनी भी इस अधिवेशन में दी गई । इस महाअधिवेशन का संचालन ह.भ.प. दत्तात्रय चोरगे महाराज ने किया ।

पंढरपुर वारकरी महाअधिवेशन में उपस्थित भक्त और वारकरी

उपस्थित मान्यवर

इस महाअधिवेशन में महाराष्ट्र वारकरी महामंडल के अध्यक्ष ह.भ.प. रामेश्वरशास्त्री महाराज, उपाध्यक्ष ह.भ.प. मोहन महाराज शिंदे तथा सचिव ह.भ.प. नरहरी महाराज चौधरी, स्वराज्य संघ के अध्यक्ष ह.भ.प. बाजीराव महाराज बांगर, अधिवक्ता आशुतोष महाराज बडवे, विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय सहमंत्री श्री दादा वेदक, पंढरपुर स्थित श्री विठ्ठल-रुक्मिणी संस्थान के विश्वस्त ह.भ.प. प्रकाश महाराज जवंजाळ, शिवसेना की आध्यात्मिक आघाडी के अध्यक्ष ह.भ.प. अक्षय महाराज भोसले, ह.भ.प. छोटे कदम माऊली, ह.भ.प. महेंद्र महाराज मस्के, अखिल भारतीय संत समिति के प्रदेश महामंत्री स्वामी भारतानंद सरस्वती महाराज, महाराष्ट्र वारकरी महामंडल के कोकण प्रांताध्यक्ष ह.भ.प. भगवान महाराज कोकरे, राष्ट्रीय वारकरी परिषद के ह.भ.प. मारुति महाराज तुनतुने, ह.भ.प. पद्माकर महाराज देशमुख, हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ राज्य समन्वयक श्री सुनील घनवट, समिति के सोलापुर जिला समन्वयक श्री राजन बुणगे, तथा विविध संत-महंत, ह.भ.प., धर्माचार्य एवं हिन्दुत्वनिष्ठ संघटनाओं के प्रमुख उपस्थित थे ।

धर्मरक्षा हेतु कार्यरत धर्मरक्षकों का सम्मान !

इस महाअधिवेशन में डॉ. नरेंद्र दाभोलकर हत्या प्रकरण में झूठे प्रकरणों में फंसाकर २ वर्षों का कारावास सहन करनेवाले, तथा ‘दाभोलकर हत्या तथा मैं’ एवं ‘मालेगांव विस्फोट के पीछे अदृश्य हाथ’ इन पुस्तकों के लेखक श्री विक्रम भावे, वारकरियों की विविध समस्याओं पर सतत स्वर उठानेवाले दैनिक ‘सनातन प्रभात’ के वरिष्ठ वार्ताहर श्री अजय केळकर, ‘सुदर्शन वाहिनी’ के वार्ताहर श्री दीपक चव्हाण तथा श्री विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर संरक्षण कृती समिति के श्री गणेश लंके – इन सभी का महंत गुरुवर्य प.पू. रामगिरी महाराज के करकमलों द्वारा सत्कार किया गया ।

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